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विधायक को धमकी पड़ गई भारी! धनबाद पुलिस ने वासेपुर में गैंगस्टर प्रिंस खान के घर पर चलाया बुलडोजर

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धनबाद: कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। धनबाद में प्रशासन और पुलिस ने प्रिंस खान के वासेपुर स्थित घर पर बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। भारी पुलिस-बल की मौजूदगी में प्रशासन की टीम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मकान को ध्वस्त करना शुरू किया। प्रशासन के मुताबिक मकान अवैध तरीके से बना है और इसका उपयोग आपराधिक घटनाओं के लिए किया जाता है। जिस वक्त बुलडोजर एक्शन शुरू हुआ उस वक्त इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। मौके पर तैनात अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ध्वस्तीकरण का मकसद अपराधियों के ठिकानों और अवैध संपत्तियों को नष्ट कर उनके नेटवर्क को कमजोर करना है।

धमकी के बाद तेज हुई कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन की यह कार्रवाई उस समय तेज हुई जब बीती रात वासेपुर के भगोड़ा गैंगस्टर प्रिंस खान ने निरसा के विधायक अरूप चटर्जी को कथित तौर पर धमकी दी। आरोप है कि प्रिंस खान ने विदेशी नंबर से व्हाट्सऐप पर वॉइस मैसेज, लिखित संदेश और वीडियो मैसेज भेजकर विधायक से रंगदारी की मांग की और 24 घंटे के भीतर पैसे न दिए जाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। विधायक ने यह मामला धनबाद पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद  त्वरित कार्रवाई की गई।

कौन है प्रिंस खान?

प्रिंस खान का असली नाम हैदर अली है और वह वासेपुर इलाके का मोस्ट वांटेड अपराधी माना जाता है। वह गैंगस्टर फहीम खान (जिसे स्थानीय स्तर पर दंगाई और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से जुड़ा नाम माना जाता है) के भांजे के रूप में उभरा। फहीम खान के जेल जाने के बाद प्रिंस ने उसी क्षेत्रीय आपराधिक विरासत को अपनाया और धीरे-धीरे अपने दम पर अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया। गली-नुक्कड़ के स्तर से शुरू होकर उसने वसूली, रंगदारी और हिंसा के जरिए इलाके में दबदबा कायम किया और बाद में अपने दायरे को धनबाद से बाहर फैला लिया।

पाक में छिपा है प्रिंस खान?

पुलिस के मुताबिक प्रिंस खान 2021 से फरार है और उस पर हत्या, रंगदारी, फायरिंग और धमकी सहित संगठित अपराधिक गतिविधियों के कम से कम 58 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। कुछ हालिया सूचनाओं में यह संख्या 70 तक बताई जा रही है। जांच एजेंसियों का मानना है कि वह विदेश में बैठकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पहले दुबई और अब पाकिस्तान के बहावलपुर में उसके छिपे होने की बातें सामने आई हैं। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए हैं, जबकि धनबाद पुलिस की पहल पर सीबीआई के माध्यम से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

प्रिंस गैंग के नेटवर्क पर लगाम

पिछले छह महीनों में धनबाद पुलिस ने प्रिंस खान के करीब दो दर्जन से अधिक सहयोगियों, शूटरों और स्लीपर सेल के सदस्यों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया है। विभिन्न छापों में हथियार, नकदी और जमीन से जुड़े करोड़ों रुपये के दस्तावेज भी बरामद किए गए। इन गिरफ्तारियों और जब्तियों से पुलिस ने उस नेटवर्क को भारी झटका पहुंचाया है और उसकी कमान को कमजोर किया है।

पहले भी हो चुका है एक्शन 

प्रिंस के वासेपुर स्थित मकान पर यह पहला ध्वस्तीकरण नहीं है। इससे पहले भी वहीं कुर्की-जब्ती और हिस्सों को हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें दरवाजे, खिड़कियां और छत के शेड तक हटाए गए थे। हालिया कार्रवाई में मकान को अवैध निर्माण व आपराधिक उपयोग के ठोस साक्ष्यों के आधार पर ध्वस्त किया जा रहा है ताकि वह फिर किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि के लिए उपयोग न हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय संबंध और उसके छिपने के स्थान पर पक्की जानकारी जुटाने के लिए कई एजेंसियां, धनबाद पुलिस, झारखंड एटीएस, सीबीआई, इंटरपोल तथा अन्य खुफिया तंत्र एक साथ काम कर रहे हैं। प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है और इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं स्थानीय स्तर पर रंगदारी और हिंसा रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा कवच और निगरानी बढ़ा दी है। (रिपोर्ट-कुंदन सिंह, धनबाद)

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