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अनुराग कश्यप ने क्या कहा?
एक इंटरव्यू के दौरान अनुराग कश्यप ने मराठी फिल्म ‘गोंधल’ की ऑस्कर एंट्री पर ऐतराज जताते हुए कहा कि देश “बिल्कुल गलत फिल्में” चुनता है और जब सही फिल्मों को चुनने का मौका मिलता है, तब भी उसे गंवा देता है. उन्होंने उदाहरण के तौर पर ‘द लंचबॉक्स’ और ‘ऑल वी इमेजिन ऐज लाइट’ जैसी फिल्मों का जिक्र किया.
अनुराग ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में “बहुत ज्यादा राजनीति” है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उन्होंने ‘गोंधल’ या इस साल ऑस्कर के लिए भेजी गई कई दूसरी फिल्मों को अभी देखा ही नहीं है. इसलिए वह मौजूदा चयन पर सीधे टिप्पणी करना जल्दबाजी मानते हैं.
‘गोंधल’ के डायरेक्टर ने दिया जवाब
अनुराग के बयान के बाद ‘गोंधल’ के निर्देशक संतोष दावखर ने सोशल मीडिया पर इसके रिप्लाई में कहा कि वह अनुराग कश्यप और उनकी फिल्ममेकिंग का बेहद सम्मान करते हैं. लेकिन इसके बाद उन्होंने एक ऐसी बात बताई, जिसने इस पूरे विवाद को और दिलचस्प बना दिया.

संतोष के मुताबिक, 26 अप्रैल को बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली फ्लाइट में उनकी मुलाकात अनुराग कश्यप से हुई थी. उन्होंने अनुराग को अपनी फिल्म ‘गोंधल’ के बारे में बताया था. संतोष का कहना है कि उस समय अनुराग ने कहा था कि उन्होंने फिल्म के बारे में नहीं सुना और इसे देखा भी नहीं है, लेकिन वह जरूर फिल्म देखेंगे.
संतोष ने आगे कहा कि तब से फिल्म न तो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुई और न ही मुंबई में इसकी स्क्रीनिंग हुई. ऐसे में उन्होंने दर्शकों से फिल्म देखे बिना उस पर राय नहीं बनाने की अपील की.
‘फैसला सुनाने से पहले फिल्म देखिए’ – संतोष दावखर
संतोष दावखर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह चाहते हैं कि लोग पहले ‘गोंधल’ देखें और उसके बाद उसकी ऑस्कर एंट्री पर अपनी राय बनाएं. उन्होंने फिल्म को एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर बताया है, जिसमें मराठी संस्कृति और वैश्विक अपील को जोड़ने की कोशिश की गई है.
उन्होंने यह भी कहा कि एक फिल्म फ्रेटरनिटी से बाहर आने वाले डेब्यू फिल्ममेकर के तौर पर उनके लिए भारत का प्रतिनिधित्व करना बड़ी जिम्मेदारी है. संतोष ने भरोसा जताया कि उनकी टीम देश को निराश नहीं करेगी और फिल्म को बड़े पर्दे पर दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करेगी.
क्या है ‘गोंधल’ की कहानी?
‘गोंधल’ एक मराठी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है, जो महाराष्ट्र की पारंपरिक गोंधल लोक परंपरा की पृष्ठभूमि पर बनी है. फिल्म में ईशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, किशोर कदम और सुरेश विश्वकर्मा जैसे कलाकार नजर आते हैं.
फिल्म की कहानी एक नवविवाहिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी शादी में खुद को फंसा हुआ महसूस करती है और गोंधल की परंपरा को एक खतरनाक खेल में बदल देती है. फिल्म के निर्देशक संतोष दावखर को इसके लिए IFFI में सिल्वर पीकॉक फॉर बेस्ट डायरेक्टर भी मिल चुका है.
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