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Bengaluru Flat Scam, Bengaluru Highrise Buildings : महिला ने बता दिया बेंगलुरु का सबसे बड़ा स्कैम

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बेंगलुरु में किराए और सिक्योरिटी डिपॉजिट आसमान छू रहे हैं। शहर आईटी हब होने से हजारों प्रोफेशनल्स का पलायन जारी है, जिससे आवास की मांग आपूर्ति से कहीं ज्यादा हो गई है। मकान मालिक 6 से 10 महीने के किराए जितनी सिक्योरिटी मांगते हैं, जो अन्य शहरों से कहीं अधिक है। संपत्ति की बढ़ती कीमतें, किराएदार डिफॉल्ट का डर और अनियमित बाजार इसके कारण हैं। हालिया कानून में दो महीने की सीमा के बावजूद जमीनी हकीकत में ऊंची दरें बनी हुई हैं। युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए आवास संकट गहरा रहा है। हाल ही में सिक्योरिटी डिपॉजिट मनी को लेकर एक महिला की पोस्ट काफी वायरल हो रही है।  

एक्स पर शेयर की गई पोस्ट 

इस पोस्ट को एक्स पर @snehatea नामक हैंडल से शेयर किया गया है। पोस्ट में स्नेहा ताम्हणकर नाम की महिला ने कहा कि, ‘गलुरु में किराए को लेकर होने वाला सबसे बड़ा स्कैम यह नहीं है कि ब्रोकर आपसे कहते हैं – मैडम, नया कानूनी डिपॉजिट 3 महीने का है। हम आमतौर पर 6 महीने लेते हैं, लेकिन हमने इसे आपके लिए घटाकर 4 महीने कर दिया है।’ उनके अनुसार, असली समस्या यह थी कि उन्होंने कभी ब्रोकर या मकान मालिकों द्वारा बताई गई बातों पर सवाल नहीं उठाया। वे बोलीं कि, ‘मैंने कभी इस बारे में पता लगाने की जहमत ही नहीं उठाई क्योंकि मुझे लगता था कि ब्रोकर/मकान मालिक खुलेआम मुझसे पैसे ऐंठ रहे हैं। मुझे अभी पता चला कि कानूनी किराया दो महीने का होता है?’  

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

इस पोस्ट पर देखते ही देखते कई यूजर्स ने प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि, ‘यह अभी भी ठीक है, एक अंकल ने casually कहा कि 10 महीने का किराया जमा करना एक मानक प्रथा है।’ 

दूसरे यूजर ने लिखा कि, ‘कानूनी सीमाएं अक्सर वास्तविक किराये के समझौतों पर बहुत कम प्रभाव डालती हैं। कोई भी इसका पालन नहीं करता। अंततः यह बातचीत पर निर्भर करता है।’ 

तीसरे यूजर ने लिखा कि, ‘कोई कानूनी राशि नहीं है!! लोग कभी-कभी बड़ी जमा राशि जमा कर देते हैं और बिल्कुल भी किराया नहीं देते!’ 

चौथे यूजर ने लिखा कि, ‘मकान मालिकों को अक्सर अपनी संपत्ति किराए पर देते समय जोखिमों का सामना करना पड़ता है। और फिर मेरे किराएदार दो महीने तक किराया नहीं देते, कोई न कोई बहाना बनाकर, और फिर खाली करते समय संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। कम से कम चार महीने तो किराया देना ही चाहिए। आप मालिकों की समस्याओं को नहीं समझते।’

गौरतलब है कि, पिछले दिनों एक महिला ने बेंगलुरु में रहने के दौरान अपने एक्सपीरिएंस को शेयर किया था जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था।   

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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