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फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते दबदबे से ICC चिंतित, इंटरनेशनल क्रिकेट को बचाने के लिए उठाया बड़ा कदम

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दुनियाभर में T20 फ्रेंचाइजी लीगों का विस्तार होता जा रहा है, जिससे इंटरनेशनल क्रिकेट के भविष्य पर चर्चा तेज हो गई है। खिलाड़ियों के लिए करोड़ों की कमाई वाली लीग्स लगातार बढ़ रही हैं और कई स्टार क्रिकेटर नेशनल टीमों की बजाय फ्रेंचाइजी क्रिकेट को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी बढ़ती चिंता के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने बड़ा कदम उठाते हुए एक विशेष समिति गठित करने का फैसला किया है, जो यह जांच करेगी कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ कैसे संतुलित रखा जाए।

ICC ने बनाई नई समिति

ICC बोर्ड ने दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही T20 फ्रेंचाइजी लीगों को देखते हुए एक समर्पित समिति के गठन को मंजूरी दी है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट मौजूदा इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर के साथ कैसे साथ में चल सकता है, ताकि मौजूदा ढांचे पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। ICC के अनुसार, सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्ड इस बात को लेकर चिंतित हैं कि घरेलू T20 लीगों के विस्तार से द्विपक्षीय सीरीज और ICC के फ्यूचर टूर प्रोग्राम यानी FTP पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ICC ने अपने बयान में कहा कि बोर्ड ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बढ़ते विस्तार पर चिंता व्यक्त की और मौजूदा ढांचे के भीतर इंटरनेशनल कैलेंडर के साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट के सामंजस्य का आकलन करने के लिए एक समिति बनाने का निर्णय लिया।

पिछले कुछ सालों में फ्रेंचाइजी क्रिकेट का विस्तार तेजी से हुआ है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL के अलावा SA20, इंटरनेशनल लीग T20, बिग बैश लीग, बांग्लादेश प्रीमियर लीग, लंका प्रीमियर लीग, द हंड्रेड और कैरेबियन प्रीमियर लीग जैसी लीग पहले से क्रिकेट कैलेंडर में बड़ी जगह घेर चुकी हैं। इतना ही नहीं, इस साल यूरोपियन T20 प्रीमियर लीग भी शुरू होने जा रही है, जिससे शेड्यूल और अधिक व्यस्त हो जाएगा।

खिलाड़ियों के सामने बड़ा लालच

ICC लंबे समय से खिलाड़ियों की उपलब्धता, नेशनल टीमों की प्रतिबद्धताओं और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की व्यावसायिक सफलता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। पहले भी ICC की विभिन्न समितियों में यह प्रस्ताव रखा जा चुका है कि एक खिलाड़ी को एक सीजन में सीमित संख्या में ही फ्रेंचाइजी लीग खेलने की अनुमति दी जाए, ताकि इंटरनेशनल क्रिकेट सर्वोच्च प्राथमिकता बना रहे। यह चिंता खास तौर पर छोटे क्रिकेट देशों के लिए ज्यादा गंभीर है, जहां खिलाड़ी अब इंटरनेशनल क्रिकेट की तुलना में फ्रेंचाइजी क्रिकेट को अधिक लाभदायक और स्थायी करियर विकल्प मानने लगे हैं।

कई स्टार खिलाड़ियों ने छोड़ा इंटरनेशनल क्रिकेट

हाल के वर्षों में कई बड़े खिलाड़ियों ने फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा है। इनमें निकोलस पूरन और हेनरिक क्लासेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पूरन ने 30 साल की उम्र से पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया। इसी तरह सुनील नरेन ने भी काफी पहले इंटरनेशनल खेलना बंद कर दिया था, लेकिन वह अभी भी फ्रैंचाइजी क्रिकेट में एक्टिव हैं।

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