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ट्रेन के AC कोच से ‘मुफ्त का माल’ समझकर उठा ले गए चादर-तौलिया-कंबल, चोरी करने वालों में रांची दूसरे नंबर पर

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रांची: भारतीय रेलवे यात्रियों को आरामदायक सफर देने के लिए एसी कोचों में चादर, कंबल, तकिया और तौलिया (लिनेन) की सुविधा देती है। लेकिन कुछ यात्री सफर की सहूलियत को ‘मुफ्त का तोहफा’ समझकर अपने बैग में समेट रहे हैं। एक आरटीआई (RTI) रिपोर्ट में इस चोरी को लेकर बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेनों से लिनेन आइटम चोरी होने के मामले में रांची रेल मंडल पूरे देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि बीकानेर रेल मंडल पहले स्थान पर काबिज है।

4 साल में 9 लाख से अधिक सामान गायब

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 से अप्रैल 2026 के बीच रांची रेल मंडल में कुल 9,31,410 लिनेन आइटम या तो चोरी हो गए हैं या उन्हें बुरी तरह क्षतिग्रस्त (खराब) कर दिया गया है। देश के सभी रेल मंडलों में यह दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। वहीं, इस लिस्ट में पहले पायदान पर मौजूद बीकानेर रेल मंडल से रिकॉर्ड 25.76 लाख आइटम गायब हुए हैं।

गरीब रथ और एक्सप्रेस ट्रेनों में सबसे ज्यादा हाथ साफ

रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम श्रेया सिंह ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि चोरी के सबसे ज्यादा मामले रांची से खुलने वाली ट्रेनों में देखे गए हैं।  

सबसे प्रभावित ट्रेनें


रांची-पूर्णिया एक्सप्रेस, रांची-इस्लामपुर एक्सप्रेस और गरीब रथ एक्सप्रेस। इन ट्रेनों में कुल मिलाकर लगभग 48% चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। यह चोरी सिर्फ थर्ड एसी (3AC) तक सीमित नहीं है। फर्स्ट एसी (1st AC) जैसे महंगे कोचों में सफर करने वाले संपन्न लोग भी तकिया, चादर और तौलिया चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।”

चोरी करते हुए पकड़े जाने पर मिल सकती है ये सजा

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की इस हरकत से रेलवे को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। सीनियर डीसीएम ने साफ किया कि रेलवे की संपत्ति चोरी करना एक गंभीर अपराध है। ट्रेन से कोई भी सामान चोरी करने पर रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके तहत आरोपी को जुर्माने के साथ-साथ जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।

एक अन्य जानकारी के अनुसार, भारतीय रेलवे के पश्चिम रेलवे जोन ने 30 स्पेशल ट्रेनों के विस्तार की घोषणा की है। पहले से चल रहीं ये ट्रेनें अब 31 अगस्त तक चलेंगी। रेलवे के इस फैसले से यूपी, बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 

 

रिपोर्ट- मुकेश कुमार सिन्हा

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