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‘यहां बच्चे बड़ों को सीट नहीं देते…’ विदेश में लोगों की अजब आदत पर महिला को याद आया भारत, बताया किन मायनों में बेहतर

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भारतीय ट्रैवलर रश्मि चड्ढा ने विदेश यात्रा के दौरान एक वीडियो शेयर कर भारतीय संस्कृति की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत में बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं या जरूरतमंदों को सीट देने की आदत है, जो कई दूसरे देशों में नहीं दिखती। उनका यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया, लेकिन इंटरनेट पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित हैं। कई लोगों ने सहमति जताई, तो कुछ ने कहा— “सामान्यीकरण न करें, भारत में भी ऐसे लोग हैं जो नहीं उठते।” 

इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @rashmichadha नामक हैंडल से शेयर किया गया है। रश्मि चड्ढा विदेश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट में यात्रा कर रही थीं। उन्होंने देखा कि करीब 90 साल के एक बुजुर्ग अंकल खड़े थे, जबकि आसपास युवा यात्री बैठे हुए थे। कोई भी सीट नहीं छोड़ रहा था। आखिरकार उनके पति ने अपनी सीट छोड़ दी। रश्मि ने वीडियो में कहा, “मुझे भारत की एक बात बहुत अच्छी लगती है और कुछ देशों की अच्छी नहीं लगी। यहां बच्चे भी बुजुर्गों को सीट नहीं देते। यही मैंने अभी देखा। हमसे छोटे लोग भी थे, लेकिन कोई नहीं उठा। इसलिए हम उठ गए। यही मुझे अपने देश में अच्छा लगता है कि हम बड़ों का सम्मान करते हैं और उन्हें बैठने की जगह देते हैं।” 

केवल बुजुर्ग ही नहीं ये भी सीट के हकदार

उन्होंने आगे बताया कि सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, गर्भवती महिलाएं, घायल लोग या बच्चे भी सीट के हकदार होते हैं। कैप्शन में उन्होंने लिखा, “जब कोई जरूरतमंद होता है तो हम मदद का हाथ बढ़ाते हैं। यही हम इंसानों के रूप में करते हैं। हम भारतीय स्वाभाविक रूप से गर्मजोशी भरे, सहानुभूति रखने वाले और मेहमाननवाज हैं। छोटे शहरों और गांवों में लोग आपको चाय-खाना खिलाते हैं, घर में बुलाते हैं। यह हमारी खासियत है।” 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया 

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ यूजर्स ने सहमति जताई। एक ने लिखा, “पश्चिमी समाज बहुत व्यक्तिगत हो गया है। जबकि भारतीय ज्यादा मानवीय हैं।” 

दूसरे ने कहा, “सहमत हूं, सिस्टम और सफाई में वे आगे हैं, लेकिन हम बड़े दिल वाले हैं।” 

वहीं कई लोगों ने आपत्ति जताई। एक यूजर ने लिखा, “सामान्यीकरण न करें। भारत में भी ऐसे लोग हैं जो बुजुर्ग को देखकर नहीं उठते। कुछ नया नहीं।” 

एक अन्य ने कहा, “मुंबई लोकल, दिल्ली मेट्रो या स्टेट बस में सफर करके देख लो। भावनात्मक नजरिया ठीक है, लेकिन लोगों को गुमराह मत करो।” 

कई ने याद दिलाया कि शहरों में भीड़ और भागदौड़ के कारण यह संस्कृति कमजोर पड़ रही है। 

गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने जापान की साफ-सफाई से सुविधाओं तक सभी खासियत को दिखाया था। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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