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10-year-old Boy Dies In Purnia After Being Injected By Quack Fake Doctor Flees Leaving Body At Gmch Hospital – Bihar News

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पूर्णिया जिले के चंपानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सौरा गांव में चिकित्सा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां डिग्रीविहीन एक झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत सुई (इंजेक्शन) दिए जाने के कारण एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी कथित डॉक्टर पूर्णिया जीएमसीएच (GMCH) परिसर में ही बच्चे के शव को छोड़कर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने पीड़ित परिवार के लिखित आवेदन के आधार पर मुख्य आरोपी समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

खेलते समय पैर में चुभी थी जंग लगी कील

थाने में दर्ज शिकायत और मृतक की बड़ी मां बसंती देवी के बयान के अनुसार, सौरा गांव निवासी सिकंदर ऋषि के 10 वर्षीय पुत्र लखन कुमार के पैर में बुधवार को खेल-खेल में लोहे की एक जंग लगी कांटी (कील) चुभ गई थी। संक्रमण और टिटनेस के खतरे से बचाने के लिए परिजन गुरुवार की रात करीब 8 बजे बच्चे को लेकर गांव में ही अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर के पास पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि कथित डॉक्टर ने बिना किसी चिकित्सकीय जांच और बिना कोई एलर्जी टेस्ट किए बच्चे को एक अज्ञात सुई लगा दी। इंजेक्शन लगते ही महज कुछ मिनटों के भीतर मासूम लखन के मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेहोश होने लगा।

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत 

बच्चे की हालत मरणासन्न देख आरोपी डॉक्टर ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए खुद एक पड़ोसी की स्कॉर्पियो गाड़ी बुलाकर बच्चे को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया ले जाना शुरू किया। हालांकि, लखन ने जीएमसीएच की दहलीज लांघने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया था। अस्पताल के ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों ने नब्ज जांचने के बाद उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत लाया गया) घोषित कर दिया। जैसे ही झोलाछाप डॉक्टर को यकीन हुआ कि बच्चा मर चुका है, वह अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार के बीच मौका पाकर फरार हो गया।

खाद-कीटनाशक की दुकान की आड़ में चल रहा था अवैध क्लीनिक!

मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि गांव का ही रहने वाला धीरज मेहता मुख्य रूप से खाद और कीटनाशक की दुकान चलाता है, जिसकी आड़ में वह अवैध रूप से क्लीनिक खोलकर भोले-भाले ग्रामीणों का इलाज भी करता था। परिजनों ने इस गैर-कानूनी कृत्य में धीरज मेहता का साथ देने के आरोप में कुल चार लोगों धीरज मेहता (मुख्य आरोपी), मनोज मेहता, मुकेश मेहता और मुरली मेहता के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।

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गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

घटना के बाद शुक्रवार की सुबह चंपानगर थाना पुलिस ने सौरा गांव पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया। चंपानगर थानाध्यक्ष ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और अवैध रूप से डॉक्टरी प्रैक्टिस करने की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी का क्लीनिक और घर बंद है। पुलिस की एक विशेष टीम धीरज मेहता और उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।

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