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सुलतानगंज,भागलपुर से डबलू की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर जिले के सुलतानगंज में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. सभी विभाग सक्रिय हैं, लेकिन सबसे अहम जिम्मेदारी पीएचईडी विभाग पर है, जो कांवरियों के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करेगा. विभाग ने मेला क्षेत्र में मौजूद चापाकलों की मरम्मत और सुधार कार्य तेज कर दिया है. लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को पूरे मेला अवधि में शुद्ध और सुचारु जल आपूर्ति मिलती रहे.
मेला क्षेत्र में 288 चापाकलों का सर्वे पूरा
पीएचईडी विभाग ने मेला क्षेत्र में लगाए गए सभी 288 चापाकलों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है. इनमें नए और पुराने दोनों प्रकार के चापाकल शामिल हैं. जांच में पाया गया कि लगभग 88 चापाकल खराब स्थिति में हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा रहा है. विभाग ने सभी स्थानों पर स्थिति का आकलन कर सुधार कार्य की योजना तैयार की है.
मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर शुरू
पिछले चार दिनों से चापाकलों की मरम्मत का कार्य तेजी से चल रहा है. अब तक 50 से अधिक चापाकलों को दुरुस्त कर चालू कर दिया गया है. बाकी खराब पड़े चापाकलों को ठीक करने के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जो लगातार क्षेत्र में काम कर रही है. विभाग का कहना है कि मेला शुरू होने से पहले अधिकतम चापाकलों को चालू कर दिया जाएगा.
रंगरोगन और प्लेटफॉर्म निर्माण भी जारी
सिर्फ मरम्मत ही नहीं, बल्कि चालू चापाकलों का रंगरोगन और उनके आसपास प्लेटफॉर्म निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है. इससे न केवल व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि स्वच्छता और सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी. विभाग का उद्देश्य है कि कांवरियों को हर स्थान पर व्यवस्थित और स्वच्छ जल स्रोत उपलब्ध हो सके.
शुद्ध जल आपूर्ति की होगी सख्त जांच
पीएचईडी विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी चापाकलों को चालू करने के बाद पानी की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी. किसी भी स्तर पर दूषित जल की आपूर्ति न हो, इसके लिए विशेष निगरानी व्यवस्था बनाई जा रही है. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की शीर्ष प्राथमिकता है.
कांवरियों के लिए बेहतर सुविधा का लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, श्रावणी मेला में लाखों कांवरियों की भीड़ को देखते हुए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना लक्ष्य है. पीएचईडी विभाग का कहना है कि सभी संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है और कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि श्रद्धालुओं को निर्बाध और शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल सके.
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