Home बिहार बिहार के राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य...

बिहार के राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया, मंत्री बने रहने पर उठे थे सवाल

23
0

[ad_1]

बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को राज्यपाल ने बिहार विधान परिषद का सदस्य (MLC) मनोनीत कर दिया है। इसे लेकर निर्वाचन विभाग ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार की अनुशंसा पर राज्यपाल ने बुधवार को ये फैसला किया है। आपको बता दें कि दीपक प्रकाश राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख और राज्यसभा के सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। दीपक प्रकाश को MLC बनाए जाने का कदम ऐसे समय में उठाया गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट ने दीपक प्रकाश के मंत्री बने रहने पर सवाल उठाए थे।

उपेंद्र कुशवाहा ने इन नेताओं को दिया धन्यवाद

दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य बनाए जाने पर सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा- “राष्ट्रीय लोक मोर्चा के युवा नेता एवं बिहार के माननीय पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने के लिए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, LJP (R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान व केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि दीपक प्रकाश पूर्ण समर्पण और जनसेवा की भावना के साथ बिहार के विकास तथा जनता के हितों को नई मजबूती देंगे।

कब तक रहेगा कार्यकाल?

बिहार गजट में पब्लिश की गई चुनाव विभाग की अधिसूचना के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 171 के खंड (3) के उपखंड (ङ) तथा खंड (5) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया जाएगा। आपको बता दें कि दीपक प्रकाश का मनोनयन भारतीय जनता पार्टी के MLC देवेश कुमार के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट के लिए किया गया है। जानकारी के अनुसार, दीपक प्रकाश का कार्यकाल 16 मार्च, 2027 तक रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने किया था सवाल

आपको बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से ये साफ करने को कहा था कि दीपक प्रकाश किसी सदन का सदस्य नहीं होने के बावजूद मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। दरअसल, संविधान के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मंत्री बनता है तो 6 महीने के भीतर उसका विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य है। ऐसा न होने पर संबंधित व्यक्ति को मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। (इनपुट: भाषा)

ये भी पढ़ें- बिहार: क्या MLC चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की बढ़ सकती हैं मुश्किलें? अब तक नाम की घोषणा नहीं

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे अब ‘दीपक प्रकाश’ नहीं रहेंगे मंत्री, शपथ के 6 महीने बाद ही छोड़ना होगा मंत्री पद, जानिए वजह



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here