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पूर्णिया शहर के अतिसंवेदनशील के. हाट थाना क्षेत्र अंतर्गत डीआईजी चौक स्थित मोती महल होटल के पास 16 अगस्त को हुई हवाई फायरिंग के मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने मामले में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुरुवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन स्वयं पुलिस बल के साथ मोती महल स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी की मौजूदगी में पुलिस टीम ने गिरफ्तार आरोपियों को मौके पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन री-क्रिएशन कराया। इस दौरान अपराधियों ने कैसे हथियार निकाले, किस तरह हवाई फायरिंग की और घटना को अंजाम देने के बाद किस दिशा में भागे, इन सभी प्रमुख बिंदुओं पर बारीकी से क्राइम सीन री-क्रिएट कर साक्ष्य जुटाए गए।
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के मार्गदर्शन एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर-01) के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मधुबनी थाना क्षेत्र के चूनापुर रोड मझली चौक निवासी रमन झा के पुत्र आयुष कुमार, शुभम कुमार सिंह उर्फ छोटू (पिता-प्रमोद कुमार सिंह), निवासी टोला धीरश्री, भागलपुर, निखिल कुमार (पिता-स्व. सुनील कुमार यादव), निवासी सहजनवा टोला, के. हाट, शुभम आनंद (पिता-समर किशोर यादव), निवासी कचहरी बलुआ, के. हाट, अमित सागर (पिता-कमलाकांत यादव), निवासी सरसी और रंजीत कुमार साह (पिता-चंद्रदेव साह), निवासी बनमनखी शामिल हैं।
इसके अलावा मामले के मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह ने पुलिस की चौतरफा दबिश के कारण कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं, एक अन्य आरोपी चंदन साह को श्रीनगर से गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, एक कारतूस, वारदात में इस्तेमाल की गई एक अपाचे मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
आरोपियों का मुख्य मकसद सिर्फ स्टाइल मारना था
एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने खुलासा किया कि इस पूरी घटना के पीछे कोई ठोस कारण नहीं था। आरोपियों का मुख्य मकसद सिर्फ स्टाइल मारना और इलाके में अपना खौफ पैदा करना था। उन्होंने कहा कि आजकल युवाओं में यह एक गलत ट्रेंड बनता जा रहा है। ऐसे युवा पढ़ाई-लिखाई से दूर होकर महज भौकाल और गुंडागर्दी दिखाने के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी ऋषभ सिंह (पिता-विभूति सिंह, निवासी डीआईजी चौक) और उसके दोस्त अक्सर इलाके में चाय पीने आते थे। इंस्टाग्राम अकाउंट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पुलिस ने आधे घंटे के भीतर ही आरोपियों की पहचान कर ली थी। छानबीन में यह भी पता चला कि आरोपियों के तार पहले जेल जा चुके अपराधी श्याम यादव से जुड़े हैं। घटना को अंजाम देने के बाद ऋषभ सिंह के दोस्तों ने उसे बाइक से भगाया था। वे लोग उसे पहले मालदा और फिर कोलकाता लेकर भागने की फिराक में थे।
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मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन की अगुवाई में पुलिस टीम ने मोती महल होटल के पास पहुंचकर लाइव क्राइम सीन री-क्रिएट किया। इस दौरान आरोपियों से पूछताछ कर यह परखा गया कि उन्होंने किस प्रकार घटना को अंजाम दिया, कैसे हथियार निकालकर हवा में लहराए और फायरिंग के बाद किस रास्ते से फरार हुए।
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