Home अंग प्रदेश बिहार:बह गई भूतही नदी की पुलिया, 12 गांवों का संपर्क टूटा; जान...

बिहार:बह गई भूतही नदी की पुलिया, 12 गांवों का संपर्क टूटा; जान जोखिम में डाल नदी पार कर रहे ग्रामीण – Dumaria Bhuthi River Culvert Washed Away Again 12 Villages Cut Off Demand Permanent Bridge Today Bihar News

24
0

[ad_1]

झारखंड सीमा से सटे गया जिले के डुमरिया प्रखंड में लगातार हो रही तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भूतही नदी पर बनी पुलिया एक महीने के भीतर दूसरी बार तेज बहाव में बह गई, जिससे करीब 12 गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया है। पुलिया के बार-बार बहने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका आरोप है कि हर साल लाखों रुपये खर्च कर अस्थायी पुलिया तैयार की जाती है, लेकिन तेज बारिश आते ही वह ध्वस्त हो जाती है। ग्रामीण अब प्रशासन और सरकार से नदी पर स्थायी और मजबूत पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।

बारिश के साथ फिर बढ़ी ग्रामीणों की परेशानी

झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर गया जिले के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। डुमरिया प्रखंड की मंझौली पंचायत के जीवातरी गांव के पास भूतही नदी का जलस्तर बढ़ते ही ह्यूम पाइप से बनाई गई पुलिया तेज बहाव की चपेट में आ गई और बह गई। पुलिया के टूटने के बाद आसपास के गांवों के लोगों का मुख्य सड़क से संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट और गहरा गया है।

जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण

पुलिया के बह जाने के बाद ग्रामीणों के पास नदी पार करने के अलावा कोई आसान विकल्प नहीं बचा है। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। स्कूली बच्चे भी पढ़ाई के लिए नदी पार करके आने-जाने को मजबूर हैं। इसके अलावा किसानों, मरीजों और आम लोगों को बाजार जाने तथा अन्य जरूरी कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। बरसात के मौसम में नदी का बहाव तेज होने के कारण यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

एक साल में चार से पांच बार बह चुकी है पुलिया

स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही नदी पर ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी पुलिया बनाई गई थी, ताकि ग्रामीणों का आवागमन दोबारा शुरू हो सके। हालांकि, तेज बारिश और नदी के बढ़े हुए बहाव के सामने यह निर्माण ज्यादा दिन नहीं टिक सका। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक साल में यह पुलिया चार से पांच बार बह चुकी है। इसके बावजूद हर बार अस्थायी निर्माण कर आवागमन बहाल करने की कोशिश की जाती है। लोगों का आरोप है कि बार-बार अस्थायी पुलिया बनाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है।

12 गांवों की जीवनरेखा है यह पुलिया

पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से निजामडीह, जीवातरी, उमन, मल्लाह टोला, बाघा डावर, कलामी समेत करीब 12 गांवों के लोगों का संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के लिए यह पुलिया महज नदी पार करने का रास्ता नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। पुलिया के टूटने से बच्चों की पढ़ाई से लेकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और किसानों के काम तक प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने स्थायी पुल निर्माण की उठाई मांग

स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद खुर्शीद आलम समेत कई लोगों ने प्रशासन और सरकार से भूतही नदी पर मजबूत और स्थायी पुल बनाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश और नदी के तेज बहाव की स्थिति सामने आती है। इसके बावजूद बार-बार अस्थायी पुलिया बनाकर सरकारी धन खर्च किया जाता है, जिसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब हर साल तेज बारिश के दौरान पुलिया के बहने की समस्या सामने आती है तो बार-बार अस्थायी निर्माण कराने का क्या औचित्य है। उनका कहना है कि अब ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जो लंबे समय तक टिक सके। ग्रामीणों की मांग है कि भूतही नदी पर जल्द से जल्द स्थायी और मजबूत पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में भी करीब 12 गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से न टूटे और लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिल सके।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here