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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले से एक ऐसी ही अत्यंत दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. जहां एक शिक्षक को विभागीय परीक्षा पास करने के बाद अगले ही दिन प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक (एचएम) का प्रभार संभालना था. लेकिन उस ऐतिहासिक पल से ठीक 24 घंटे पहले उन्होंने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. इस अचानक हुई घटना से न केवल मृतक का परिवार गहरे सदमे में है, बल्कि पूरे इलाके और शिक्षा महकमे में मातम का माहौल छा गया है.
प्रभार लेने से ठीक एक दिन पहले थमी सांसें, खुशियों के घर में पसरा मातम
यह दिल दहला देने वाली घटना सजौर थाना क्षेत्र के बैजनाथपुर गांव की है. गांव के रहने वाले 50 वर्षीय शिक्षक ललित रजक, जो दिवंगत शिकारी रजक के पुत्र थे, प्राथमिक विद्यालय मुंजत में पदस्थापित थे. उन्होंने कठिन परिश्रम कर विभागीय परीक्षा पास की थी और मंगलवार को उन्हें विद्यालय के प्रधानाध्यापक का प्रभार मिलने वाला था.
सोमवार को जब वे अपने घर में गंभीर अवस्था में मिले तो परिजनों के होश उड़ गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) मायागंज ले जाया गया. लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिस घर में मंगलवार को मिठाई बंटने वाली थी, वहां अब रोने और चीखने की आवाजें गूंज रही हैं.
1 किलोमीटर का कठिन पैदल सफर और अकेलापन: जानिए अवसाद की वो कड़वी वजह
ललित रजक की मौत के पीछे की कहानी केवल एक हादसा नहीं, बल्कि एक शिक्षक के मानसिक तनाव और सिस्टम की बदहाली की दास्तान भी बयान करती है. परिजनों के अनुसार लगभग तीन महीने पहले तक ललित रजक मध्य विद्यालय दराहडीह में पदस्थापित थे, जिसके बाद उनका तबादला प्राथमिक विद्यालय मुंजत कर दिया गया था.
नए स्कूल का रास्ता इस कदर जर्जर और दुर्गम था कि उन्हें अपनी मोटरसाइकिल दूसरे गांव में ही खड़ी करनी पड़ती थी. इसके बाद वे लगभग आधा किलोमीटर से एक किलोमीटर तक रोजाना पैदल चलकर स्कूल पहुंचते थे. इतना ही नहीं, स्कूल में मिड-डे मील लाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी. इन विपरीत परिस्थितियों और जर्जर व्यवस्था के कारण वे पिछले दो महीनों से गहरे डिप्रेशन में चल रहे थे और भागलपुर के एक डॉक्टर से उनका इलाज भी चल रहा था. वे खुद को एचएम का प्रभार संभालने की स्थिति में भी महसूस नहीं कर पा रहे थे.
पत्नी ने बयां किया सोमवार का खौफनाक मंजर, साथ खाया खाना और फिर…
मृतक शिक्षक की पत्नी उषा देवी, जो पेशे से आंगनबाड़ी सेविका हैं, इस घटना के बाद पूरी तरह टूट चुकी हैं. उन्होंने रोते-बिलखते हुए सोमवार के दिन की पूरी कहानी सुनाई. उषा देवी ने बताया कि सोमवार को उनकी विभागीय बैठक थी. जब वे घर पहुंचीं तो उनके पति ललित पहले से घर पर मौजूद थे.
घर में नया खाना नहीं बना था, इसलिए दोनों ने साथ बैठकर दोपहर का खाना खाया. खाना खाने के बाद ललित अपने कमरे में सोने चले गए. इसके कुछ ही देर बाद यह खौफनाक वारदात घट गई. दो बेटों और तीन बेटियों के पिता ललित रजक के चले जाने से अब परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है.
Bhagalpur News: फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, पुलिस खंगाल रही हर कोण
घटना की जानकारी मिलते ही सजौर थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई. पुलिस ने घटनास्थल और मृतक के शव की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की विशेष टीम से करवाई है. शव के गले पर गहरा स्याह निशान पाया गया है. मायागंज स्थित बरारी थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है.
सजौर थानाध्यक्ष राजेश रंजन ने बताया कि प्रथम दृष्टया शिक्षक द्वारा गले में फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. हालांकि मंगलवार शाम तक परिजनों की ओर से कोई लिखित आवेदन या बयान दर्ज नहीं कराया गया था. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी.
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