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जब तक ग्रामीण और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं, तब तक मखाना बेचकर रखी गई जिंदगी भर की जमा पूंजी, जमीन के दस्तावेज, अनाज, कपड़े और फर्नीचर सब कुछ राख के ढेर में तब्दील हो चुका था. इस दिल दहला देने वाले हादसे में करीब 12 लाख रुपये की भारी संपत्ति के नुकसान का अनुमान है. अब इन पीड़ित परिवारों के सामने सिर छुपाने से लेकर दो वक्त की रोटी और रोजमर्रा की जरूरतों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
अचानक उठीं आग की ऊंची लपटें, गांव में मच गई भगदड़
यह दर्दनाक घटना पीरु पीपरा गांव के वार्ड संख्या 15 में रविवार को घटी. घटना के समय दोनों भाइयों के घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिसका फायदा उठाकर आग ने तेजी से अपने पैर पसार लिए. घर के भीतर लगे बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और उससे निकली चिंगारी ने पल भर में पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया. जब पड़ोसियों ने घरों से आग की भयावह और ऊंची-ऊंची लपटें उठती देखीं, तो गांव में अफरा-तफरी मच गई. चीख-पुकार सुनकर दर्जनों ग्रामीण बाल्टी और नल का पानी लेकर दौड़े, लेकिन आग का रूप इतना विकराल था कि पास फटकना भी मुश्किल हो रहा था.
दमकल टीम के पहुंचने से पहले स्वाहा हो गया सब कुछ
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की जानकारी तुरंत अग्निशमन विभाग को दी. हालांकि जब तक अग्निशमन विभाग की टीम गाड़ियों के साथ गांव पहुंची, तब तक आग दोनों घरों के कोने-कोने में फैल चुकी थी. दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू तो पा लिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घर के अंदर रखा एक भी कीमती सामान सही सलामत नहीं निकाला जा सका. सब कुछ जलकर पूरी तरह राख में तब्दील हो चुका था.
मखाना बेचकर रखे थे मेहनत के रुपये, जमीन के कागज भी जले
आग की इस विनाशकारी त्रासदी ने पीड़ित परिवारों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है. मौके पर मौजूद पूर्व प्रमुख मनोज मंडल, पीड़ित समरू महतो, जयंती देवी और मनोहर कुमार ने रुंधे गले से बताया कि आग इतनी तेज थी कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. परिजनों ने हाल ही में अपनी कड़ी मेहनत से मखाना बेचकर जो नगद रुपये घर में रखे थे, वे सब जलकर राख हो गए. इसके अलावा घर में रखे जमीन के असली कागजात, नए-पुराने कपड़े, बर्तन, कीमती फर्नीचर, खाने-पीने का अनाज और साइकिल सहित तमाम घरेलू सामान नष्ट हो गए. करीब 12 लाख रुपये की संपत्ति एक झटके में स्वाहा हो गई.
अंचलाधिकारी ने दिए विभागीय जांच के आदेश, जल्द मिलेगी सहायता
घटना के बाद पूरे गांव में मातम और निराशा का माहौल है. स्थानीय निवासी संजय कुमार मंडल, पंकज कुमार, कन्हैयालाल पंडित और अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल उचित मुआवजा और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की जोरदार मांग की है. वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी कृष्ण मोहन कुमार ने बताया कि इस अगलगी की घटना की विभागीय जांच कराई जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच प्रक्रिया पूरी होते ही सरकारी नियमानुसार पीड़ित परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता और राहत राशि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी.
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