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Katihar News: कटिहार जिले के कोढ़ा में कुछ दिन पहले ही पुलिस अधिकारियों ने जिस स्कूल परिसर का जायजा लेकर गश्त बढ़ाने का ढांढस बंधाया था, उसी स्कूल को चोरों ने मंगलवार की देर रात एक बार फिर अपना निशाना बना लिया. कोढ़ा नगर पंचायत क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में थमने का नाम न ले रही चोरी की इन वारदातों ने न सिर्फ खाकी की चौकसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि स्थानीय शिक्षकों और छात्रों के मन में भी भय का माहौल पैदा कर दिया है.
खाकी का भरोसा पड़ा फीका, बेखौफ चोरों ने पुलिस को दी खुली चुनौती
कटिहार के कोढ़ा नगर पंचायत इलाके में पिछले कुछ समय से सरकारी विद्यालय चोरों के आसान निशाने पर हैं. +2 प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय कोढ़ा, +2 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोढ़ा और राजकीय बुनियादी विद्यालय गेराबाड़ी में एक के बाद एक चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं. लगातार हो रही इन चोरियों से परेशान होकर विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कड़े सुरक्षा इंतजामों की गुहार लगाई थी.
मामले की गंभीरता को भांपते हुए कटिहार सदर-2 के डीएसपी सुनील कुमार शर्मा और कोढ़ा थाना प्रभारी पंकज आनंद ने खुद दल-बल के साथ तीनों प्रभावित स्कूलों का भौतिक निरीक्षण किया था. अधिकारियों ने परिसर का जायजा लेकर शिक्षकों को भरोसा दिया था कि गश्त बढ़ाई जाएगी और पुलिस बल तैनात रहेगा. लेकिन यह आश्वासन धरातल पर उतर पाता, उससे पहले ही चोरों ने पुलिसी चौकसी की कलई खोलकर रख दी.
तीन कमरों के ताले टूटे, बिजली के तार और उपकरण उड़ा ले गए चोर
निरीक्षण के कुछ ही दिन बीते थे कि मंगलवार की देर रात चोरों ने बेखौफ अंदाज में राजकीय बुनियादी विद्यालय गेराबाड़ी को दोबारा अपना शिकार बनाया. अंधेरे का फायदा उठाकर परिसर में घुसे चोरों ने एक-एक कर विद्यालय के तीन कमरों का ताला तोड़ डाला. कमरे के भीतर लगे बिजली के उपकरण, कीमती तार, स्विच बोर्ड और अन्य महत्वपूर्ण पठन-पाठन सामग्री को बटोरकर वे रफूचक्कर हो गए.
सुबह जब विद्यालय की प्रधानाध्यापिका निधिमाला कुमारी और अन्य शिक्षक स्कूल पहुंचे, तो कमरों का टूटा ताला देखकर स्तब्ध रह गए. कमरों के अंदर बिखरा सामान और गायब उपकरण इस बात की गवाही दे रहे थे कि चोरों के मन में पुलिस का जरा सा भी खौफ नहीं बचा है.
छात्रों की पढ़ाई पर असर और आम लोगों में गहराता आक्रोश
सरकारी स्कूलों में होने वाली चोरी केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि इसका सीधा मानवीय और सामाजिक पहलू भी है. जब किसी विद्यालय से बिजली के तार और पंखे चोरी हो जाते हैं, तो उसका खामियाजा उन गरीब बच्चों को भुगतना पड़ता है जो तपती गर्मी में पढ़ाई करने आते हैं.
आधुनिक शिक्षण सामग्री और उपकरणों के बिना कक्षाओं का संचालन ठप पड़ जाता है. प्रधानाध्यापिका और शिक्षकों का कहना है कि बार-बार हो रही इन घटनाओं से वे मानसिक तनाव में हैं. पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने की जगह उनका समय और ऊर्जा थानों के चक्कर काटने और सुरक्षा की चिंता करने में बीत रही है. स्थानीय अभिभावकों का भी कहना है कि यदि सरकारी संपत्ति ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो बच्चे निर्भीक होकर कैसे पढ़ेंगे.
Katihar News: प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल, अब ठोस कार्रवाई का इंतजार
इस नई वारदात ने कोढ़ा पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक जवाबदेही पर सीधे तौर पर उंगली उठा दी है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब डीएसपी और थानाध्यक्ष स्तर के अधिकारियों ने खुद जायजा लिया था, तो फिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई.
क्या पुलिस का गश्त का दावा केवल कागजों तक ही सीमित था. अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद कोढ़ा पुलिस क्या ठोस कदम उठाती है और चोरों को सलाखों के पीछे भेजकर सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करती है.
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The post कटिहार: कोढ़ा में पुलिस के दावों की उड़ी धज्जियां, डीएसपी के दौरे के कुछ ही दिनों बाद बेखौफ चोरों ने स्कूल को बनाया निशाना appeared first on Prabhat Khabar.
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