[ad_1]

भागलपुर. विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद रहने के बीच भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा में जहाजों का परिचालन रविवार को सामान्य रहा. हालांकि, दुर्गा पूजा की छुट्टियों के कारण बियाडा जहाज घाट पर यात्रियों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम रही. जहाजों के नियमित संचालन से गंगा पार करने वाले लोगों को राहत मिली. वहीं, क्रू मेंबरों की कमी के कारण शनिवार को बंद एमवी गोपीनाथ का परिचालन रविवार दोपहर 12 बजे फिर शुरू कर दिया गया. दूसरी ओर, बियाडा घाट के पूर्वी छोर पर फंसे एमवी राजेंद्र प्रसाद को निकालने के लिए ड्रेजिंग शुरू कर दी गयी है. इस बीच, रविवार शाम अंतिम स्टीमर के भागलपुर पहुंचने से पहले जिला नियंत्रण कक्ष में तैनात दंडाधिकारियों के मौजूद नहीं रहने का मामला भी सामने आया.
क्रू मेंबर मिलने के बाद एमवी गोपीनाथ का परिचालन शुरू
क्रू मेंबरों की कमी के कारण शनिवार को एमवी गोपीनाथ का परिचालन बंद था. रविवार को कोलकाता से नए क्रू मेंबरों के पहुंचने के बाद दोपहर 12 बजे जहाज को फिर से सेवा में लगा दिया गया.
इसके बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच जलमार्ग से यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से शुरू हो गयी. विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद रहने के कारण गंगा पार करने के लिए जहाजों पर निर्भर लोगों को इससे राहत मिली.
फंसे एमवी राजेंद्र प्रसाद को निकालने के लिए ड्रेजिंग शुरू
बियाडा घाट के पूर्वी छोर पर फंसे एमवी राजेंद्र प्रसाद को सुरक्षित निकालने की कवायद तेज कर दी गयी है. जहाज को पानी में उतारने के लिए ड्रेजिंग जहाज घाट पर पहुंचा और काम शुरू कर दिया गया.
जहाज संचालक विक्रांत वैभव के अनुसार, एमवी राजेंद्र प्रसाद को बाहर निकालने का प्रयास जारी है. स्थिति अनुकूल रहने पर सोमवार शाम तक जहाज को पानी में उतारने की उम्मीद है. जहाज के दोबारा परिचालन में आने से जलमार्ग पर उपलब्ध सेवाओं को और मजबूती मिल सकती है.
अंतिम स्टीमर पहुंचने से पहले नियंत्रण कक्ष से गायब मिले दंडाधिकारी
बियाडा घाट पर जिला प्रशासन की ओर से तैनात दंडाधिकारियों की मौजूदगी को लेकर रविवार शाम सवाल उठे. जानकारी के अनुसार, शाम छह बजे के बाद नवगछिया की ओर से एक स्टीमर भागलपुर पहुंची, लेकिन उस समय घाट पर बने जिला नियंत्रण कक्ष में तैनात दंडाधिकारी मौजूद नहीं थे. बताया गया कि उस दौरान बियाडा घाट पर अस्थायी थानाध्यक्ष और सिपाही के अलावा कोई अन्य पदाधिकारी मौजूद नहीं था. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अंतिम स्टीमर के पहुंचने के समय नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारियों की अनुपस्थिति में किसी आपात स्थिति से निपटने की जिम्मेदारी किसकी होती.
जहाजों के नियमित परिचालन के बीच निगरानी व्यवस्था पर सवाल
विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद रहने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा में जहाजों का परिचालन लोगों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है. रविवार को जहाज सेवाएं सामान्य रहीं और एमवी गोपीनाथ का संचालन भी बहाल हो गया. हालांकि, अंतिम स्टीमर के पहुंचने से पहले जिला नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारियों के मौजूद नहीं रहने की घटना ने घाट पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े किये हैं. वहीं, फंसे एमवी राजेंद्र प्रसाद को निकालने के लिए शुरू हुई ड्रेजिंग पर भी यात्रियों और संचालकों की नजर बनी हुई है.
The post कोलकाता से क्रू आते ही चालू हुआ MV गोपीनाथ! बियाडा घाट पर जहाजों का परिचालन सामान्य, फंसे जहाज की ड्रेजिंग शुरू appeared first on Prabhat Khabar.
[ad_2]
Source link















