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कुरसेला में गंगा का तांडव: तीनघरिया गांव से महज 200 मीटर दूर रह गई नदी, ग्रामीणों ने बरारी विधायक को घेरा

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Ganga River Erosion: कुरसेला प्रखंड की दक्षिणी मुरादपुर पंचायत अंतर्गत तीनघरिया गांव पर गंगा नदी के भीषण कटाव का खतरा हर दिन और गहरा होता जा रहा है. नदी की तेज लहरें प्रतिदिन 10 से 15 मीटर उपजाऊ जमीन को लील रही हैं, जिससे अब गांव और तबाही के बीच महज 200 मीटर का फासला बचा है. कटाव की इस भयावह रफ्तार से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपने अस्तित्व को बचाने के लिए प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं.

बेअसर साबित हुई बंबो पायलिंग, महिलाओं में भारी आक्रोश

नदी के रौद्र रूप के आगे फ्लड कंट्रोल विभाग की तकनीकी कोशिशें पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं:

  • नाकाम कोशिश: तीन दिन पहले जल संसाधन विभाग द्वारा नदी के मुहाने पर आनन-फानन में बंबो पायलिंग (बांस का सुरक्षा घेरा) का कार्य किया गया था, लेकिन पानी के तेज बहाव में वह भी ताश के पत्तों की तरह ढह गया.
  • महिलाओं का फूटा गुस्सा: गांव की महिलाओं में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के खिलाफ भारी गुस्सा है. पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि चुनाव के समय नेताओं ने ₹2.40 करोड़ की कटाव निरोधक योजना का झांसा देकर उनके वोट बटोर लिए, लेकिन जीतने के बाद आज तक कोई सुध लेने नहीं आया. ‘कटाव निरोधक संघर्ष समिति’ ने भी अब आर-पार के आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है.

बरारी विधायक को ग्रामीणों ने घेरा, खरी-खोटी सुनाई

गुरुवार को जब बरारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक विजय सिंह निषाद जमीनी हकीकत जानने कटाव स्थल पर पहुंचे, तो उन्हें भारी जन-आक्रोश का सामना करना पड़ा. तीनघरिया गांव के सैकड़ों ग्रामीणों और खासकर महिलाओं ने विधायक को चारों तरफ से घेर लिया और काम में हो रही देरी को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई.

“हमने राज्य सरकार को इस क्षेत्र में पक्का और परमानेंट कटाव निरोधी कार्य कराने का विस्तृत प्रस्ताव पहले ही भेज दिया है. विश्व बैंक (World Bank) से ₹265 करोड़ की भारी-भरकम राशि की मंजूरी मिलते ही यहां बड़े पैमाने पर बोल्डर क्रेटिंग और जियो बैग डालने का काम शुरू करा दिया जाएगा.”
— विजय सिंह निषाद, विधायक, बरारी

हालांकि, विधायक के इस बजटीय और तकनीकी आश्वासन से ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ, क्योंकि उनके सामने हर दिन जमीन नदी में विलीन हो रही है.

जिला पदाधिकारी ने लिया जायजा, रिपोर्ट तलब

मामले की गंभीरता और बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए कटिहार के जिला पदाधिकारी (डीएम) आशुतोष द्विवेदी भी खुद प्रशासनिक अमले के साथ नदी तट पर पहुंचे. उन्होंने कटाव की लाइव स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं को चौबीस घंटे निगरानी रखने तथा त्वरित सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का कड़ा निर्देश दिया है.

फिलहाल, तीनघरिया गांव के लोगों के लिए यह घड़ी जीवन और मरण की जंग जैसी बन चुकी है. जहां नदी हर पल गांव की तरफ कदम बढ़ा रही है, वहीं ग्रामीण बेबसी और आक्रोश के बीच अपने आशियानों को बचाने की अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं.

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