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सुलतानगंज के कमरगंज स्थित श्री श्री 108 दुर्गा स्थान परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के दूसरे दिन पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. भगवान के नाम संकीर्तन और अमृत वचनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे. वृंदावन से पधारे कथावाचक अनुराग दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व से अवगत कराया.
भागवत कथा से होता है पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति
कथा का रसपान कराते हुए अनुराग दास जी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है. उन्होंने प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि महर्षि वेदव्यास रचित इस पावन कथा को सबसे पहले शुकदेव जी महाराज ने राजा परीक्षित को सुनाया था, जिसके श्रवण से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई थी. भागवत कथा समस्त सनातन ग्रंथों और वेदों का दिव्य सार है.
धुंधकारी उद्धार और गोकर्ण की कथा का विस्तार से वर्णन
कथावाचक ने दूसरे दिन धुंधकारी और गोकर्ण के प्रसंग का मार्मिक और विस्तारपूर्वक वर्णन किया. उन्होंने बताया कि प्रेत योनि में भटक रहे धुंधकारी को भी भागवत कथा के प्रभाव से मुक्ति मिल गई थी. गोकर्ण प्रसंग के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को जीवन में सद्कर्म, सदाचार और निष्काम भक्ति अपनाने की प्रेरणा दी. महाराज ने कहा कि जिस घर और स्थान पर प्रभु नाम का संकीर्तन नियमित होता है, वहां सुख, शांति और समृद्धि का स्थायी वास होता है.
17 अक्टूबर तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान
दुर्गा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष अनिरुद्ध यादव ने बताया कि सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन आगामी 17 अक्टूबर तक अनवरत चलेगा. कथा श्रवण और आरती में शामिल होने के लिए प्रतिदिन कमरगंज सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनकी सुविधा और व्यवस्था के लिए समिति के सदस्य निरंतर सेवा में जुटे हैं.
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