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बिहार:एक सप्ताह में तीन महिलाओं के शव बरामद, ‘प्रीति’ टैटू ने बढ़ाया रहस्य; जांच में जुटी पुलिस – Begusarai-3-unknown-women-bodies-in-8-days-preeti-tattoo-clue-police-investigation

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बिहार के बेगूसराय में लगातार सामने आ रही अज्ञात महिलाओं के शव मिलने की घटनाओं ने पुलिस के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार सुबह लाखो थाना क्षेत्र में शाहपुर टोल प्लाजा और इनियार के बीच झाड़ियों से करीब 28-30 वर्षीय अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। शव की हालत खराब थी और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

राहगीरों ने सुबह झाड़ियों से दुर्गंध महसूस की। संदेह होने पर कुछ लोग एनएच से नीचे उतरकर झाड़ियों में पहुंचे, जहां महिला का शव पड़ा मिला। सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। पुलिस के पहुंचने के बाद घटनास्थल की जांच की गई।

हाथ पर ‘प्रीति’ का टैटू बना अहम सुराग


पुलिस के अनुसार, महिला ने सलवार-कमीज पहन रखी थी। प्रारंभिक जांच में शव करीब दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। महिला के एक हाथ पर ‘प्रीति’ नाम का टैटू बना हुआ है, जबकि दूसरे हाथ पर चोट का निशान बताया गया है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस आसपास के थानों में दर्ज महिलाओं की गुमशुदगी की रिपोर्टों से शव की पहचान का मिलान कर रही है। पहचान में मदद के लिए महिला के पहनावे और टैटू से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर भी प्रसारित की गई है।

आठ दिन में तीसरा महिला शव


सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब जिले में कुछ ही दिनों के अंतराल में दो अन्य अज्ञात युवतियों के शव बरामद हो चुके हैं। 7/8 सितंबर के आसपास तेघड़ा थाना क्षेत्र के आधारपुर पंचायत इलाके में एक अज्ञात युवती का शव मिला था। इसके बाद 15 सितंबर को तेघड़ा थाना क्षेत्र की पिढ़ौली पंचायत में जमींदारी बांध के किनारे करीब 22 वर्षीय युवती का शव बरामद हुआ। दोनों मामलों में शवों की पहचान को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

अब लाखो थाना क्षेत्र में तीसरी महिला का शव मिलने से लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है।

क्या तीनों मामलों के बीच कोई कड़ी है?


यही सवाल अब सबसे अहम बन गया है। क्या ये तीनों घटनाएं पूरी तरह अलग-अलग हैं या इनके पीछे कोई समान कड़ी मौजूद है? फिलहाल पुलिस ने दोनों तेघड़ा मामलों और लाखो में मिले शव के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है। तेघड़ा के हालिया मामले में पुलिस ने शव के बहकर आने की संभावना समेत कई पहलुओं पर जांच की थी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण माना था।



लाखो मामले में भी पुलिस अलग-अलग कोणों से जांच कर रही है। दूसरे जिलों से महिलाओं के लापता होने की शिकायतों का मिलान भी जांच का हिस्सा है। यदि पहचान हो जाती है, तो पुलिस के लिए यह पता लगाना आसान होगा कि महिला कहां की रहने वाली थी, वह आखिरी बार कहां देखी गई और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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पहचान से खुलेगा मौत का राज


फिलहाल बेगूसराय पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तीनों अज्ञात शवों की पहचान करना है। पहचान के बाद ही घटनाओं की परिस्थितियों और संभावित आपसी संबंधों की जांच आगे बढ़ सकेगी।  पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की वास्तविक वजह और घटनाओं के बीच संभावित संबंध स्पष्ट हो पाएगा।

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