Home अंग प्रदेश बिहार:सहकारी समितियों को मिलेगा ज्यादा अधिकार, पैक्स को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर;...

बिहार:सहकारी समितियों को मिलेगा ज्यादा अधिकार, पैक्स को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर; सहकारिता मंत्री ने क्या कहा? – Bihar Govt Pushes For Stronger Pacs, Business Diversification Under Cooperative Policy 2026

19
0

[ad_1]

बिहार राज्य सहकारी नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सहकारिता विभाग ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव की अध्यक्षता में केंद्रीय सहकारी बैंकों के अध्यक्षों, पैक्स अध्यक्षों और शीर्ष सहकारी समितियों के अध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में बिहार सहकारी सोसाइटी अधिनियम, नियमावली और उपविधियों में आवश्यक संशोधन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, निबंधक सहयोग समितियां बिहार रजनीश कुमार सिंह समेत विभागीय अधिकारी और सहकारी क्षेत्र के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने नीति के प्रावधानों के अनुरूप अधिनियम और नियमावली में संशोधन के लिए चिह्नित प्रमुख क्षेत्रों पर प्रस्तुतीकरण दिया। सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों से भी आवश्यक सुधार को लेकर सुझाव लिए गए।

सदस्यता प्रक्रिया सरल करने पर जोर

बैठक में सहकारी समितियों की सदस्यता प्रक्रिया को और सरल एवं प्रभावी बनाने के साथ सदस्यता से जुड़ी अपील की प्रक्रिया को सुगम करने पर विचार हुआ। समितियों के स्वैच्छिक गठन, स्वायत्त कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक नियंत्रण और पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत बताई गई। सहकारी समितियों के बोर्ड के लोकतांत्रिक संचालन को प्रभावी बनाने के लिए अधिनियम की धारा 41(5) में आवश्यक संशोधन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

कर्मचारियों की नौकरी और वेतन को लेकर भी मंथन

बैठक में सहकारी समितियों के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे भी उठे। कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा और नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था बनाने पर चर्चा हुई। इसके साथ कर्मचारियों की न्यूनतम योग्यता तय करने और वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन में देरी या उल्लंघन की स्थिति में आर्थिक दायित्व निर्धारित करने संबंधी प्रावधानों में बदलाव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा समितियों के लाभ से विशेष तकनीकी विकास कोष बनाने और कमजोर सहकारी समितियों के पुनरुद्धार के लिए विशेष सहकारी संरचना या समिति गठित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

आधे से ज्यादा इस्तीफे पर समिति भंग होने के नियम की समीक्षा

बैठक में सहकारी समितियों के जल्द भंग होने से जुड़े मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा की आवश्यकता भी सामने आई। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि आधे से अधिक सदस्यों के इस्तीफा देने पर समिति के भंग होने संबंधी प्रावधान को जरूरत के अनुसार शिथिल किया जाए, ताकि उपयोगी और कार्यशील समितियों का संचालन जारी रह सके। इसके साथ ही पैक्स समेत सहकारी समितियों का समय पर अंकेक्षण और निर्वाचन सुनिश्चित करने तथा नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी दंडात्मक और आर्थिक प्रावधान लागू करने पर भी मंथन किया गया।

पैक्स को पारंपरिक काम तक सीमित नहीं रखना: मंत्री

सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार राज्य सहकारी नीति 2026 का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत, लोकतांत्रिक, पारदर्शी, स्वायत्त और व्यावसायिक बनाना है। उन्होंने कहा कि नीति को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जहां जरूरत होगी, वहां अधिनियम, नियमावली और उपविधियों में नियमसंगत संशोधन किए जाएंगे। मंत्री ने खास तौर पर पैक्स में व्यवसाय विविधीकरण और आय के नए स्रोत विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैक्स को केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय विभिन्न आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए।

दादर पैक्स के ‘दादर नीर’ और सरसों तेल की पहल की सराहना

राम कृपाल यादव ने स्थानीय संसाधनों, कृषि उत्पादों और बाजार की संभावनाओं के अनुसार नए उद्यम विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे पैक्स की आय बढ़ेगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर मूल्य के साथ विभिन्न सेवाएं भी मिल सकेंगी। मंत्री ने कैमूर जिले के दादर पैक्स की ओर से दादर नीर और सरसों तेल जैसे उत्पादों के निर्माण और विपणन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के नवाचारी प्रयोग दूसरे पैक्स के लिए भी प्रेरणा बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के जरिए रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की व्यापक संभावनाएं हैं। पैक्स और अन्य सहकारी संस्थाओं को स्थानीय जरूरत और क्षमता के मुताबिक नए व्यवसायों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here