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भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब तक पुलिसवालों पर क्या कार्रवाई हुई? ADG ने दी जानकारी

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बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर के मामले में पूरे राज्य में हंगामा जारी है। आपको बता दें कि भोजपुर के बिलौती गांव के रहने वाले भरत भूषण तिवारी की पुलिस के साथ कथित तौर पर 17 जून को मुठभेड़ हुई थी जिसके बाद उसकी मौत हो गई थी। भरत भूषण तिवारी के परिजनों का दावा है कि उसने आत्मसमर्पण कर दिया था और अपना हथियार भी फेंक दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उसे गोली मारी। बिहार के कई नेताओं ने भी इस एनकाउंटर को गलत बताया है और मामले में दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब ये जानकारी भी सामने आ गई है कि इस एनकाउंटर के बाद पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई की गई है।

अब तक क्या कार्रवाई हुई?

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में ADG सुधांशु कुमार ने कहा- “एनकाउंटर से पहले 16 जून को पुलिस वाले उससे (भरत भूषण तिवारी) बात करने गए वो उसे ठीक से हैंडल नहीं कर पाए। इस मामले में लापरवाही पर हमने एक SHO, 2 SI, एक ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है।” PTI के मुताबिक, भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंट केस के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में एडीजी ने कहा कि “मामले की जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) को अधिकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त मामले की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च न्यायालय स्तर पर जल्द अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मामले में अब तक दो प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं।”

हत्या एक साजिश थी- अश्विनी चौबे

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे ने भी बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस मामले पर कहा- “भरत तिवारी एक बेगुनाह व्यक्ति थे जिन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए लड़ाई लड़ी; उनकी हत्या एक साजिश थी, और पुलिस समेत इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर इस घिनौने कृत्य के लिए कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”

CM सम्राट ने क्या कहा?

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने कहा था- “भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ जांच सुनिश्चित करना है।”



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