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Tintanga Diyara Education: गोपालपुर (भागलपुर). कभी सड़क, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मुख्यधारा से कटा रहने वाला तिनटंगा दियारा आज बदलाव की नई कहानी लिख रहा है. नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड स्थित यह इलाका, जिसकी पहचान वर्षों तक अपराध और पिछड़ेपन से जुड़ी रही, अब शिक्षा और विकास के मॉडल के रूप में उभर रहा है.
संत विनोबा उच्च विद्यालय से शुरू हुई शैक्षणिक यात्रा अब राजकीय डिग्री कॉलेज तक पहुंच चुकी है. इसका सबसे बड़ा लाभ उन हजारों छात्र-छात्राओं को मिल रहा है, जिन्हें कभी पढ़ाई के लिए गांव छोड़कर दूर जाना पड़ता था.
जब शिक्षा बनी सामाजिक बदलाव का आधार
स्थानीय लोगों के अनुसार तिनटंगा दियारा में शिक्षा की नींव आचार्य विनोबा भावे की प्रेरणा से पड़ी. ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर 1980 के दशक में संत विनोबा उच्च विद्यालय की स्थापना की. यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हुआ.
विद्यालय खुलने के बाद पहली बार दियारा के बच्चों को मैट्रिक तक की पढ़ाई अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होने लगी. इससे विद्यालय में नामांकन बढ़ा और शिक्षा के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ.
राजकीयकरण और इंटर तक की पढ़ाई ने बढ़ाए अवसर
समय के साथ राज्य सरकार ने संत विनोबा उच्च विद्यालय का राजकीयकरण किया. इसके बाद विद्यालय को उत्क्रमित इंटर विद्यालय का दर्जा मिला.
इस फैसले से विद्यार्थियों को इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ा. खासकर बेटियों की शिक्षा को इससे बड़ा लाभ मिला, क्योंकि दूर शहर भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो गई.
Tintanga Diyara Education: राजकीय डिग्री कॉलेज ने खोले उच्च शिक्षा के नए रास्ते
दियारा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि तब मिली, जब राज्य सरकार ने यहां राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दी.
इससे पहले स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर कई वर्षों तक कॉलेज खोलने के लिए प्रयास किए थे. सरकारी स्वीकृति मिलने के बाद यह सपना साकार हुआ और अब क्षेत्र के युवाओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए भागलपुर या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ता.
सड़क और बुनियादी सुविधाओं ने बदली विकास की रफ्तार
शिक्षा के साथ-साथ सड़क, पुल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार ने भी तिनटंगा दियारा के विकास को नई गति दी है. बेहतर सड़क संपर्क से छात्रों की आवाजाही आसान हुई है और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं.
स्थानीय पंचायतों की सक्रिय भूमिका और सरकारी योजनाओं के प्रभाव से दियारा क्षेत्र अब धीरे-धीरे विकास की मुख्यधारा से जुड़ता जा रहा है.
अपराध की नहीं, शिक्षा की पहचान बन रहा तिनटंगा दियारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक समय जिस इलाके का नाम अपराध के कारण लिया जाता था, आज वही क्षेत्र शिक्षा के कारण चर्चा में है.
राजकीय डिग्री कॉलेज की स्थापना ने न सिर्फ उच्च शिक्षा का नया अध्याय शुरू किया है, बल्कि युवाओं के पलायन को भी कम किया है. लोगों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में तिनटंगा दियारा शिक्षा, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और पूरे कोसी-अंग क्षेत्र के लिए प्रेरणा बनेगा.
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