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मंदिर में संध्या आरती के दौरान मुख्य पुजारी को आया हार्ट अटैक, भक्तों के सामने ही हो गई मौत

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झारखंड की राजधानी रांची के रातू रोड क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के इंद्रपुरी रोड नंबर 9 स्थित एक मंदिर में सोमवार शाम आरती के दौरान मुख्य पुजारी का अचानक निधन हो गया। वे श्रद्धालुओं की मौजूदगी में आरती कर रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वे जमीन पर गिर पड़े। बता दें कि बीते दिनों 33 वर्षीय एक सैनिक का हार्ट अटैक से निधन हो गया। वह भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात थे। दिल्ली में ड्यूटी के दौरान यह घटना हुई।

आरती के बीच अचानक बिगड़ी तबीयत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर में रोज की तरह शाम की आरती चल रही थी। शंखध्वनि और भजनों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रार्थना में लीन थे। इसी दौरान आरती करा रहे आचार्य रजनी कांत मिश्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे अपना सीना पकड़ते हुए पूजा स्थल के पास ही बेहोश होकर गिर पड़े। इस अचानक हुई घटना से मंदिर परिसर में अफरा-तफरी और हड़कंप मच गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत

वहां मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला। मंदिर में मौजूद लोगों में बीजेपी के वरिष्ठ नेता रमेश सिंह और कई स्थानीय निवासी शामिल थे, जिन्होंने पुजारी को पास के अस्पताल ले जाने का तुरंत इंतजाम किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें देखते ही मृत घोषित कर दिया। चिकित्सा कर्मियों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही दिल का दौरा यानी कार्डियक अरेस्ट पड़ने के कारण उनका निधन हो चुका था।

धार्मिक अनुष्ठान के बीच पुजारी के इस तरह अचानक चले जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आचार्य रजनी कांत मिश्रा अपने सरल जीवन, सौम्य स्वभाव और आध्यात्मिक सेवा के लिए जाने जाते थे।

केंद्र से रांची में AIIMS और 400 एम्बुलेंस की मांग

एक अन्य खबर में, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने शनिवार को केंद्र सरकार से रांची में AIIMS स्थापित करने और राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 400 एंबुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंसारी ने कहा कि राज्य का एकमात्र एम्स देवघर में है, जो रांची से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। इससे राज्यभर के मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा, “मरीजों को देवघर तक करीब 300 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) पूरे राज्य का स्वास्थ्य भार संभाल रहा है। रांची में एम्स बनने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।”

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