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महानंदा के रौद्र रूप से बलिया बेलौन में बाढ़ का खतरा: परवल की फसल डूबी, कई गांवों में तेज हुआ नदी का कटाव

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बलिया बेलौन (कटिहार) से तबस्सुम यजदानी की रिपोर्ट

Mahananda River Flood Threat: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत कटिहार जिले के बलिया बेलौन और आसपास के सुदूर देहाती इलाकों में बाढ़ की विभीषिका एक बार फिर दस्तक दे रही है. पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महानंदा नदी का जलस्तर शनिवार शाम से लगातार खतरनाक ढंग से बढ़ रहा है. रविवार को भी नदी के पानी में रिकॉर्ड बढ़ोतरी जारी रहने से पूरे मैदानी इलाके में बाढ़ की आशंका गहरा गई है. यदि पानी के बढ़ने की यही रफ्तार रही, तो अगले 24 घंटों में बाढ़ का पानी दर्जनों गांवों के रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर जाएगा.

खेत-खलिहान जलमग्न, परवल की नगदी फसल बर्बाद

महानंदा के उफान के कारण नदी से सटे दियारा और निचले इलाकों के खेत-खलिहान पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं. इस इलाके के किसानों की जीविका का मुख्य साधन मानी जाने वाली ‘परवल’ की सैकड़ों एकड़ में लगी खेती पानी में डूब गई है.

परवल की फसल पूरी तरह नष्ट होने की कगार पर पहुंचने से स्थानीय किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. लागत डूबने की चिंता में किसान बेबस नजर आ रहे हैं.

मेहदीपुर से लेकर मंझोक तक तेज हुआ भीषण कटाव

बाढ़ के पानी के फैलाव के साथ-साथ नदी का बहाव तेज होने के कारण कटाव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. प्रभावित क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • मेहदीपुर: नदी की तेज धार ने उपजाऊ कृषि भूमि को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है.
  • आलापोखर: यहाँ नदी का रुख आबादी वाले क्षेत्रों की तरफ बढ़ रहा है, जिससे कई घर खतरे की जद में हैं.
  • मंझोक: इस गांव के मुहाने पर भी तेज कटाव जारी है, जिससे ग्रामीण अपनी पुश्तैनी जमीन को नदी में समाते देखने को मजबूर हैं.

मवेशियों के चारे का संकट, पलायन की तैयारी

बाढ़ की आहट मिलते ही प्रभावित गांवों में चारागाह पूरी तरह पानी में डूब गए हैं. बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि इस समय उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने मवेशियों (गायों और भैंसों) के लिए सूखे चारे का इंतजाम करना है. चारा न मिलने के कारण पशुपालक बेहद परेशान हैं और कई परिवारों ने अभी से अपने मवेशियों के साथ ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है.

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Mahananda River Flood Threat: मुखिया प्रतिनिधि ने अंचलाधिकारी से की बचाव कार्य की मांग

“हालात की गंभीरता को देखते हुए शेखपुरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि इकबाल हुसैन ने रविवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद तुरंत अंचलाधिकारी (CO) कदवा से संपर्क साधा और पंचायत स्तर पर राहत व बचाव की पुख्ता व्यवस्था कराने की जोरदार मांग की. उन्होंने बताया कि फिलहाल महानंदा का पानी निचले कृषि क्षेत्रों में फैला हुआ है, लेकिन पानी की रफ्तार इतनी तेज है कि समय रहते अगर कटाव निरोधक कार्य (Flood Fighting Work) और नावों की व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है.”

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन से अविलंब जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की टीम को प्रभावित गांवों में भेजने की अपील की है, ताकि मेहदीपुर और मंझोक जैसे गांवों को नदी के भीषण कटाव से विस्थापित होने से बचाया जा सके.

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