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रोहिणी आचार्य ने पिता लालू यादव के लिए किया पोस्ट, “आपको बाय कहना मेरे लिए कभी आसान नहीं होता”, जानें और क्या कहा

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सिंगापुर: बिहार के पूर्व सीएम और आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने अपने पिता के लिए इमोशनल पोस्ट किया है और तस्वीरें भी शेयर की हैं। रोहिणी आचार्य ने पिता के लिए पोस्ट कर लिखा, “आपको बाय कहना मेरे लिए कभी आसान नहीं होता पापा। आपकी मौजूदगी मुझे हमेशा निश्चिंत महसूस कराती है।”

रोहिणी ने कहा, “अगर जिंदगी एक किताब है, तो उसके सबसे सुंदर अध्याय (चैप्टर) आप हैं। पापा, आज आप जा रहे हैं, लेकिन आपका प्यार और आशीर्वाद मेरे साथ ही रहेगा। जल्दी वापस आईएगा पापा, हमारे घर की रौनक आप हैं। आपकी मौजूदगी, आपकी मुस्कान और मुझ पर आपका विश्वास मुझे आगे बढ़ने का हौसला देते हैं। अपना ख्याल रखिएगा पापा…बाय पापा..हैप्पी जर्नी पापा।”

सिंगापुर गए थे लालू प्रसाद यादव

 

गौरतलब है कि लालू प्रसाद यादव सिंगापुर में गए थे। यहां वह अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के पास ही रुके। वह अपने इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जांचों के लिए सिंगापुर पहुंचे थे। जब तक लालू सिंगापुर में बेटी के साथ रहे, तब तक रोहिणी ने सोशल मीडिया पर लालू के साथ कई यादें साझा कीं।

इससे पहले रोहिणी ने सिंगापुर में लालू प्रसाद यादव के साथ मॉर्निंग वॉक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इस दौरान उन्होंने लिखा था, “पिता का प्रेम मेरी शक्ति, उनके संस्कार मेरी पहचान ..एक महान पिता, एक महान व्यक्तित्व और मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत पापा के साथ चलने से दुनिया की हर डगर आसान सी लगती है।”

सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं रोहिणी

बता दें कि रोहिणी सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। हालही में उन्होंने मां राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती होने पर बिहार के सीएम सम्राट चौधरी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, “लालू जी और राबड़ी देवी जी की सुरक्षा में कटौती के सम्राट सरकार के फैसले से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है। ऐसा प्रतीत होता है कि नरसंहार के आरोपी मुख्यमंत्री के द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे कोई गंदी मंशा है। बेवजह राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा घटाना शासन नहीं, प्रतिशोध की राजनीति का संकेत है। लालू जी-राबड़ी देवी जी ने देश की राजनीति और देश में लोकतंत्र को बहाल रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, उनकी सुरक्षा से समझौता करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक दायित्वों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास अगर तनिक भी विवेक बचा होगा तो उन्हें ये समझना होगा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कमजोर करने जैसा है।”

रोहिणी आचार्य ने कहा था, “सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य ही नहीं है। सात खून के आरोपी रहे मुख्यमंत्री की सरकार के द्वारा लालू जी एवं राबड़ी देवी जी की सुरक्षा में कटौती का फैसला लालू जी – राबड़ी देवी जी एवं उनके परिवार को नुकसान, शारीरिक क्षति पहुंचाने की नीयत से ही लिया गया फैसला है..सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य ही नहीं है, इसके मद्देनजर ही राबड़ी देवी जी ने अपने आधिकारिक आवास से सुरक्षाकर्मियों को वापस किए जाने का निर्णय लिया है..सम्राट सरकार को ये जान लेना चाहिए कि बिहार की करोड़ों जनता ही लालू जी-राबड़ी देवी जी एवं उनके परिवार का सुरक्षा कवच है और अगर लालू जी,राबड़ी देवी जी और परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोच भी आयी थी तो अंजाम क्या होगा, इसका अंदाजा शायद बिगड़ैल सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को नहीं है!”



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