Home अंग प्रदेश साल 2022 से बेघर है यह सरकारी स्कूल! बलिया बेलौन के पोखरटोला...

साल 2022 से बेघर है यह सरकारी स्कूल! बलिया बेलौन के पोखरटोला शकरपुर में एक ही छत के नीचे आंगनबाड़ी और प्राइमरी क्लास

16
0

[ad_1]

Katihar News: कटिहार जिले के बलिया बेलौन अंतर्गत मधाईपुर पंचायत में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां बीते दो वर्षों से एक प्राथमिक विद्यालय अपने खुद के भवन के बिना आंगनबाड़ी केंद्र की चारदीवारी में जैसे-तैसे चल रहा है.

इस अव्यवस्था के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे करने वाले अफसर छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलने देंगे.

एक कमरे में पढ़ाई, दफ्तर और स्टोर रूम: जानिए साल 2022 से कैसे चल रहा है स्कूल

पूरे मामले की जमीनी हकीकत तब सामने आई जब स्थानीय मुखिया असरार अहमद खुद पोखरटोला शकरपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे. वहां का नजारा देखकर कोई भी हैरान हो सकता है. प्राथमिक विद्यालय मधाईपुर का संचालन वर्ष 2022 से इसी आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में शिफ्ट करके चलाया जा रहा है.

एक ही छोटे से भवन के भीतर आंगनबाड़ी के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ-साथ प्रावि मधाईपुर के वर्ग एक से लेकर वर्ग पांच तक के विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं. स्थिति इतनी नारकीय है कि बच्चों को ढंग से बैठने तक की जगह नसीब नहीं होती है. हद तो यह है कि जिस एक कमरे में बच्चों की कक्षाएं लगती हैं, उसी कमरे का एक हिस्सा स्कूल का स्टोर रूम भी है और वहीं से दफ्तर का सारा प्रशासनिक कामकाज भी निपटाया जाता है.

विभाग की बेरुखी से अभिभावकों में फूटा गुस्सा: बार-बार गुहार के बाद भी नहीं मिला भवन

प्राथमिक विद्यालय मधाईपुर का अपना भवन न होना ही इस पूरी मुसीबत की मूल वजह है. जब वर्ष 2022 में भवन के अभाव के कारण स्कूल को आंगनबाड़ी केंद्र में स्थानांतरित किया गया था, तब ग्रामीणों को उम्मीद थी कि यह एक अस्थायी व्यवस्था होगी और जल्द ही नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा. लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए कई बार शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए हैं. इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई. बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो अब क्षेत्र के अभिभावकों और आम लोगों में शिक्षा विभाग के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है.

दावों और हकीकत के बीच पिस रहे मासूम: मुखिया असरार अहमद ने उठाए गंभीर सवाल

स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय मुखिया असरार अहमद ने वहां मौजूद शिक्षकों और छात्रों से बातचीत कर उनकी परेशानियों को आत्मीयता से सुना. उन्होंने खुलकर कहा कि यह स्थिति बिहार के शिक्षा विभाग की कार्यशैली की पोल खोलने के लिए काफी है. सरकार एक तरफ सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, मुफ्त किताबें और हर तरह की आधुनिक सुविधाएं देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन दूसरी तरफ बच्चों को सिर छुपाने के लिए एक बुनियादी भवन तक उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है.

मुखिया ने चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासनिक नाकामी और ढुलमुल रवैये का खामियाजा उन छोटे-छोटे बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका कोई कसूर नहीं है. जब बच्चों के पास बैठने की जगह ही नहीं होगी, तो वे एकाग्रता के साथ पढ़ाई कैसे करेंगे. यह न केवल बच्चों के शैक्षणिक विकास को प्रभावित कर रहा है बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डाल रहा है.

Katihar News: प्रशासनिक जवाबदेही और आगे की राह: क्या जागेगा शिक्षा महकमा

बलिया बेलौन के मधाईपुर में सामने आई यह तस्वीर कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में सरकारी बुनियादी ढांचे की सुस्त रफ्तार का प्रत्यक्ष प्रमाण है. एक तरफ जहां सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे के अभाव में बच्चे फर्श पर ठसाठस बैठकर भविष्य गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.

अब देखना यह होगा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा मामला उठाए जाने और अभिभावकों के बढ़ते विरोध के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी नींद से जागते हैं या नहीं. यदि समय रहते प्रावि मधाईपुर के लिए नए भवन का निर्माण या उपयुक्त वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों का यह गुस्सा उग्र आंदोलन का रूप ले सकता है.

Also Read: पटना में सुशांत सिंह राजपूत के परिवार से मिले थे नाना पाटेकर, मोकामा में जवानों को सुनाए थे फिल्मों के चर्चित डायलॉग

The post साल 2022 से बेघर है यह सरकारी स्कूल! बलिया बेलौन के पोखरटोला शकरपुर में एक ही छत के नीचे आंगनबाड़ी और प्राइमरी क्लास appeared first on Prabhat Khabar.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here