Home अंग प्रदेश 4 साल में ही कोसी रेल महासेतु के 15 स्पैन में दरार,...

4 साल में ही कोसी रेल महासेतु के 15 स्पैन में दरार, रेलवे ने शुरू की तकनीकी जांच : गुणवत्ता पर उठे सवाल

21
0

[ad_1]

भागलपुर/गोपालपुर : बरौनी-कटिहार रेलखंड पर पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर कुर्सेला और कटरिया के बीच बने रेल महासेतु के 15 स्पैन में दरार आने की सूचना से रेलवे महकमे में हलचल है. निर्माण के करीब चार साल के भीतर पुल के स्टील गर्डर की वेब प्लेट में दरार सामने आने के बाद इसकी गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे की तकनीकी टीम ने पुल का निरीक्षण किया है. लखनऊ से पहुंचे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने भी मंगलवार को मौके पर पहुंचकर दरार वाले हिस्सों की जांच की.

222 करोड़ की परियोजना का अहम हिस्सा है महासेतु

कटरिया-कुरसेला रेलखंड दोहरीकरण परियोजना के तहत बने इस रेल महासेतु की कुल परियोजना लागत करीब 222 करोड़ रुपये बतायी जाती है. इसमें करीब 190 करोड़ रुपये पुल के निर्माण और उससे जुड़े तकनीकी कार्यों पर खर्च हुए हैं. करीब 7.24 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण में कोसी नदी पर बना यह पुल सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है.

पुल के चालू होने से बरौनी-कटिहार रेलखंड पर रेल परिचालन को गति मिली और पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिली. यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन के लिहाज से यह पुल महत्वपूर्ण है.

15 स्पैन में बनी है पुल की मुख्य संरचना

कोसी नदी पर बने इस रेल महासेतु की मुख्य संरचना 15 स्पैन की है. प्रत्येक स्पैन की लंबाई करीब 61 मीटर बतायी गयी है. पुल का निर्माण ओपन वेब गर्डर तकनीक से किया गया है, जिसमें बड़े स्टील गर्डरों का इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह की संरचना को भारी रेलगाड़ियों के भार को सहने और उसे पुल की संरचना में वितरित करने के लिए डिजाइन किया जाता है.

ऐसे में निर्माण के कुछ ही वर्षों के भीतर स्टील गर्डर की वेब प्लेट में दरार की सूचना सामने आने से पुल की तकनीकी स्थिति को लेकर रेलवे के स्तर पर जांच जरूरी हो गयी है.

दरार की प्रकृति और कारण की जांच

दरार सामने आने के बाद रेलवे की तकनीकी टीम ने पुल का निरीक्षण शुरू किया है. जांच के दौरान दरारों की प्रकृति, उनकी गहराई और पुल की संरचना पर उनके संभावित प्रभाव का आकलन किया जा रहा है. आरडीएसओ और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुकी है.

हालांकि, दरार किस वजह से आयी और इससे पुल की संरचनात्मक सुरक्षा पर कितना असर पड़ा है, इस संबंध में अंतिम तकनीकी निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है. रेलवे की जांच रिपोर्ट और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

भागलपुर की और ऐसी खबरों को पढ़ने के लिये यहां क्लिक करें

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

यह रेल महासेतु पूर्व मध्य रेलवे के सोनपुर मंडल के अंतर्गत आता है. बरौनी-कटिहार रेलखंड पर इसके महत्व को देखते हुए पुल में आयी दरारों की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत पर रेलवे की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी. फिलहाल रेलवे की टीम की जांच और तकनीकी रिपोर्ट पर नजर है.

The post 4 साल में ही कोसी रेल महासेतु के 15 स्पैन में दरार, रेलवे ने शुरू की तकनीकी जांच : गुणवत्ता पर उठे सवाल appeared first on Prabhat Khabar.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here