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Border Protest Erupts As Nepal Restricts Public Access, Route Reopened After Demonstration – Bihar News

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भारत-नेपाल सीमा पर गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब नेपाल के मोरंग जिले के रानी भंसार क्षेत्र में स्थित बैरियर संख्या-03 से आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। इस निर्णय का स्थानीय व्यापारियों और सीमावर्ती नागरिकों ने विरोध किया। विरोध-प्रदर्शन के बाद नेपाल प्रशासन ने बंद मार्ग को पुनः खोल दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।

वर्षों से सीमावर्ती लोगों की जीवनरेखा है यह मार्ग

जानकारी के अनुसार, जोगबनी से सटे रानी भंसार क्षेत्र का यह मार्ग वर्षों से दोनों देशों के सीमावर्ती नागरिकों के लिए आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। इस मार्ग का उपयोग स्थानीय लोग दैनिक जरूरतों, छोटे कारोबार और सामाजिक गतिविधियों के लिए करते हैं।

दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने किया विरोध

गुरुवार को आम नागरिकों की आवाजाही बंद किए जाने की सूचना मिलते ही अरुण सिनेमा–दुर्गा मंदिर मार्ग के दर्जनों दुकानदार और स्थानीय लोग सीमा क्षेत्र में एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और तस्करी पर रोक लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके नाम पर आम लोगों की आवाजाही रोक देना उचित नहीं है।

‘रोजी-रोटी पर पड़ेगा सीधा असर’

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस मार्ग पर निर्भर सैकड़ों छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों की आजीविका सीधे प्रभावित होगी। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि वर्षों से यह रास्ता भारत और नेपाल के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है।

बातचीत के बाद फिर खोला गया रास्ता

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नेपाल प्रशासन के फैसले पर नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इसके बाद आम लोगों के लिए मार्ग को फिर से खोल दिया गया, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।

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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सीमा पर प्रभावी निगरानी और तस्करी रोकने के उपाय जरूरी हैं, लेकिन ऐसे निर्णयों में सीमावर्ती आबादी के हितों और उनकी आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। लोगों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसे फैसले लेने से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों और व्यापारियों से बातचीत करने करने की मांग की है।

 

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