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Indians at US grocery store video, Indian grocery store video : जब अमेरिका के किराना स्टोर पर टूट पड़े भारतीय

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विदेश में रहने वाले कई भारतीयों के लिए भारतीय किराना स्टोर सिर्फ खरीदारी की जगह से कहीं बढ़कर हैं क्योंकि वे घर की याद दिलाते हैं। ताज़ी सब्जियों और स्नैक्स से लेकर मसालों तक, ये स्टोर अक्सर सामुदायिक केंद्र बन जाते हैं। लेकिन अमेरिका के न्यू जर्सी में ऐसे ही एक भारतीय सुपरमार्केट के भव्य उद्घाटन की घटना वायरल हो गई है। इस घटना के वीडियो वायरल हो गए हैं, जिससे एक बार फिर सिविक सेंस पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है।

एक्स पर वायरल हुआ वीडियो 

इस वीडियो को एक्स पर @kapsology नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो क्लिप में नवनिर्मित भारतीय किराना स्टोर लोगों से खचाखच भरा हुआ दिखाया गया है, जिनमें से कई लोग उद्घाटन के दिन फलों, सब्जियों और अन्य आवश्यक वस्तुओं पर छूट का लाभ उठाने के लिए आए थे। वीडियो में लंबी कतारें, खचाखच भरी गलियाँ और ग्राहकों को एक-दूसरे को धक्का देते हुए रियायती सामान से प्लास्टिक बैग भरते हुए दिखाया गया है। भीड़ में लोग एक-दूसरे को धक्का देते नज़र आए, वहीं कुछ लोग सब्ज़ियां खरीदने के लिए गलियारे की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ में बुज़ुर्ग भी शामिल थे। कैमरा जब चारों ओर घूमा तो पता चला कि पूरा स्टोर लोगों से खचाखच भरा हुआ था।

यूजर्स ने उठाए सवाल 

इस वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और कई सोशल मीडिया यूजर्स भीड़ के कारण मजाक में उस आउटलेट को “अमेरिकन सब्जी मंडी” कह रहे हैं, लेकिन इसने भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सार्वजनिक व्यवहार और सिविक सेंस के बारे में बातचीत को फिर से शुरू कर दिया है।

एक यूजर ने लिखा कि, ‘ये लोग कुछ मिनट इंतजार क्यों नहीं कर सकते? इसी वजह से दुनिया हमारा मजाक उड़ाती है और हम पर नस्लीय टिप्पणियां करती है! और इन्हें इस बात की भी परवाह नहीं कि ये कहीं हमारे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बिलकुल घटिया लोग।’

दूसरे यूजर ने लिखा कि, ‘सिर्फ इसलिए कि लोग देश बदल लेते हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि वे अपने घर पर सीखी हुई बातें भूल जाते हैं। यह उनकी पहचान है। चाहे वे कितनी भी डिग्रियां हासिल कर लें और कितना भी पैसा कमा लें, असभ्य लोग हमेशा एक जैसे ही रहेंगे; इसमें कुछ भी आश्चर्यजनक या चौंकाने वाला नहीं।’

तीसरे ने लिखा कि, ‘मैं समझ सकता हूं कि कम संपन्न बैकग्राउंड के लोग चीज़ें हासिल करने की कोशिश करते हैं क्योंकि यह हमारे डीएनए में दर्ज है: पहले हासिल करो वरना कुछ नहीं मिलेगा… लेकिन ये अमीर, संपन्न अमेरिकी परिवार भी ऐसा ही व्यवहार कर रहे हैं… वह भी नाशवान वस्तुओं के लिए।’

चौथे यूजर ने बचाव करते हुए लिखा कि, ‘ऐसा हर जगह होता है… क्या आपने ब्लैक फ्राइडे सेल देखी है?’

पांचवें यूजर ने लिखा कि, ‘यह एक भारतीय स्टोर है; भारतीय खरीदारी कर रहे हैं। इसमें समस्या क्या है? हम दुनिया के अन्य हिस्सों में भी कई लोगों को ऐसा करते हुए देखते हैं। हाल ही में, यूरोप में लोग एसी खरीदने के लिए उमड़ पड़े थे।’ 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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