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Bihar :विधानसभा में Tre को लेकर भारी हंगामा, भवनहीन स्कूलों पर भी बवाल; शिक्षा मंत्री ने क्या कहा? – Bihar Assembly High Drama Over Teacher Recruitment Exam And Buildingless Schools

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बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नोत्तर काल में शिक्षक नियुक्ति और सरकारी स्कूलों के भवनों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। राजद विधायकों ने TRE-4 की अधिसूचना में हो रही देरी और स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

राजद विधायक गौतम कृष्ण ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी से पूछा कि राज्य सरकार के शिक्षक नियुक्ति कैलेंडर के अनुसार हर वर्ष अगस्त में नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन वर्ष 2025 में भी कैलेंडर का पालन नहीं हुआ और वर्ष 2026 में भी अब तक TRE-4 की अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उन्होंने पूछा कि शिक्षक अभ्यर्थियों के हितों को देखते हुए सरकार TRE-4 की अधिसूचना कब तक जारी करेगी।

इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इसी महीने TRE-4 के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य में 63 हजार शिक्षक मानक से अधिक हैं। जिला स्तर से विषयवार शिक्षकों की सूची मंगाई जा चुकी है। पहली बार जिला कैडर के आधार पर नियुक्ति की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत नियुक्ति के बाद शिक्षकों का दूसरे जिलों में तबादला नहीं होगा, जिससे ट्रांसफर-पोस्टिंग की समस्या समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि BPSC नियुक्ति की दिशा में काम कर रही है।

वहीं राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि कई स्कूल ऐसे हैं, जहां सिर्फ दो कमरों में विद्यालय संचालित हो रहे हैं और उन्हीं कमरों में 11वीं और 12वीं के करीब एक-एक हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 40 फीसदी स्कूलों के भवन जर्जर हैं और कई जगह पेड़ के नीचे स्कूल चल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि जरूरत से ज्यादा शिक्षक होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।

राजद विधायक आलोक मेहता ने कहा कि कई स्थानों पर जमीन उपलब्ध है और जहां जरूरत है, वहां सरकार स्कूल के बगल की जमीन का अधिग्रहण कर भवन निर्माण करा सकती है। इस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सदस्यों की चिंताओं पर शिक्षा मंत्री समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि जहां हाई स्कूलों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां छह महीने के भीतर जमीन की पहचान कर भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि जमीन की तलाश का काम शुरू किया जा रहा है। कमरा और जमीन विहीन स्कूलों की सूची एक सप्ताह के भीतर तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्ष ने कहा कि कई स्थानों पर जमीन उपलब्ध होने के बावजूद सरकार भवन निर्माण नहीं करा रही है।

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