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बिहार:मुंगेर में गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन दियारा में संकट बरकरार, कुतलुपुर में कटाव से बढ़ी चिंता – Continuous Erosion In Kutlupur, Anganwadi Centre Damaged In Tikarampur; 28 Flood-hit Schools Shifted

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गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद मुंगेर के दियारा इलाकों में बाढ़ और कटाव का संकट अभी टला नहीं है। कुतलुपुर पंचायत में लगातार हो रहे कटाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच गया है। कई सड़कों के जलमग्न रहने से आवागमन भी प्रभावित है। वहीं, बाढ़ के कारण पढ़ाई प्रभावित होने पर 28 सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नजदीकी दूसरे विद्यालयों से जोड़कर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से करीब 17 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में कमी आने के बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। दियारा क्षेत्र में कटाव और जलभराव के चलते ग्रामीण लगातार चिंता में हैं।

कुतलुपुर में लगातार कटाव, घरों में घुसा पानी

कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 में लगातार कटाव और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां रहने वाले एक ग्रामीण ने बताया कि पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। ऐसे में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ राहत सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।

कटाव के कारण ग्रामीणों में इस बात की भी चिंता है कि यदि गंगा के किनारे कटाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन की निगरानी जारी है।

टीकारामपुर में आंगनबाड़ी केंद्र भी जलमग्न

इधर, टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच गया है। केंद्र परिसर में पानी जमा होने के कारण बच्चों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने जलभराव से निजात दिलाने के लिए जलनिकासी की व्यवस्था कराने और राहत कार्य तेज करने की मांग प्रशासन से की है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद निचले इलाकों में पानी की निकासी नहीं हो पाने से परेशानी बनी हुई है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में जलनिकासी और राहत व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

28 बाढ़ प्रभावित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से जोड़ा

बाढ़ के कारण 28 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने के बाद शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नजदीकी दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट कर उनकी पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की गई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलभराव के कारण विद्यालयों के संचालन में आ रही परेशानी के बीच विद्यार्थियों की पढ़ाई को जारी रखना है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावित विद्यालयों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार राहत और बचाव कार्य किए जाएंगे। गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद चेतावनी स्तर से ऊपर बना हुआ है। ऐसे में दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए जलस्तर में कमी के साथ-साथ कटाव और जलनिकासी की स्थिति भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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