Home अंग प्रदेश बिहार न्यूज:पहले शिकायतें अनसुनी, फिर 13 मौतें… राघोपुर में जुगाड़ की नाव...

बिहार न्यूज:पहले शिकायतें अनसुनी, फिर 13 मौतें… राघोपुर में जुगाड़ की नाव ने उजागर की लापरवाही – Raghopur Vaishali Boat Accident 13 Children Dead Dilapidated Makeshift Boat Administrative Negligence

20
0

[ad_1]

वैशाली जिले के राघोपुर स्थित रामपुर श्यामचंद पंचायत में नाव हादसे में 13 मासूमों की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले बाढ़ के दौरान मुखिया के सौजन्य से उपलब्ध कराई गई जुगाड़ की नाव जर्जर हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उसका इस्तेमाल जारी था।

raghopur vaishali boat accident 13 children dead dilapidated makeshift boat administrative negligence

राघोपुर हादसे ने खोली सिस्टम की पोल
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैशाली जिले के रामपुर श्यामचंद पंचायत में 13 मासूमों की मौत के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस जुगाड़ की नाव को जर्जर होने के कारण इस्तेमाल से बाहर कर देना चाहिए था, उसी नाव से ग्रामीण ढाब पार कर रहे थे। आरोप है कि करीब तीन साल पहले बाढ़ के दौरान अंचल प्रशासन की ओर से स्थानीय मुखिया के सौजन्य से ग्रामीणों को यह नाव उपलब्ध कराई गई थी। समय के साथ नाव पूरी तरह क्षतिग्रस्त और जर्जर हो गई, लेकिन न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही उसे हटाने की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने कई बार अंचल अधिकारी से इसकी शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, इसी नाव से करीब 100 मीटर का रास्ता पार कर भोज खाने जा रहे लोगों के साथ मंगलवार रात दर्दनाक हादसा हो गया। बीच ढाब में नाव पलट गई और 13 मासूमों की जान चली गई।


तीन साल से चल रही थी जर्जर नाव, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के समय आने-जाने और जरूरत के कामों के लिए नाव उपलब्ध कराई गई थी। शुरुआत में इसका इस्तेमाल बाढ़ के दौरान किया जाता था, लेकिन करीब तीन साल में नाव की हालत बेहद खराब हो गई। इसके बावजूद ग्रामीण उसी नाव के सहारे ढाब के उस पार आते-जाते रहे।

आरोप है कि नाव की जर्जर हालत की जानकारी स्थानीय प्रशासन को थी। ग्रामीणों ने कई बार अंचल अधिकारी से इसकी शिकायत की थी, लेकिन न तो नाव की मरम्मत कराई गई और न ही उसे इस्तेमाल से हटाने की पहल हुई। अब हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जब नाव इतनी खराब हालत में थी, तो उसे चलने क्यों दिया गया? समय रहते कार्रवाई होती तो क्या 13 मासूमों की जान बचाई जा सकती थी?

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here