[ad_1]

Manoj Verma Fraud Case: भागलपुर. कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रही एक महिला को इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, लेकिन वह अपनी रकम वापस पाने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है. महिला का आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 5.60 लाख रुपये ले लिये गये. इस मामले में खुद को सीआइडी का डीएसपी बताने के आरोपित मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ पुलिस ने अब सख्ती बढ़ा दी है. भागलपुर के इशाकचक थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पर पुलिस ने ढोल बजाकर इश्तिहार चस्पा किया है.
आरोपित के खिलाफ भागलपुर के बाइपास और इशाकचक थाने में प्राथमिकी दर्ज है. बांका में भी मामले को लेकर जीरो एफआइआर दर्ज की गयी थी. बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी मनोज वर्मा पुलिस की पकड़ से बाहर बताया जा रहा है. अब पुलिस ने उसे न्यायालय में उपस्थित होने की चेतावनी दी है. निर्धारित प्रक्रिया के तहत हाजिर नहीं होने पर घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है.
कैंसर पीड़िता से 5.60 लाख रुपये लेने का आरोप
मामले में कैंसर की चौथी स्टेज से जूझ रही सोनम ने आरोप लगाया है कि मनोज वर्मा ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग माध्यमों से उनके 5 लाख 60 हजार रुपये अपने बैंक खाते में मंगवाये थे. सोनम के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपित ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया.
गंभीर बीमारी से जूझ रही सोनम के लिए यह रकम इलाज के लिहाज से महत्वपूर्ण है. उनका आरोप है कि पैसे वापस नहीं मिलने के कारण वह आर्थिक परेशानी का सामना कर रही हैं. रकम की वापसी और आरोपित के खिलाफ कार्रवाई के लिए वह अधिकारियों से गुहार लगा रही हैं.
सोनम ने यह भी आरोप लगाया है कि मनोज वर्मा के रिश्तेदार फोन कर उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आयी है. मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही इन पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
कृषि विभाग और एनटीपीसी में नौकरी दिलाने का झांसा
आरोप है कि मनोज वर्मा खुद को सीआइडी का डीएसपी बताकर लोगों को प्रभावित करता था. उसने कृषि विभाग, एनटीपीसी समेत विभिन्न जगहों पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और कई लोगों से रुपये लिये.
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं होने पर उन्होंने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. मामले में मनोज वर्मा पुलिस विभाग में डाकिया के पद पर कार्यरत बताया जाता है. खुद को पुलिस अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने का कथित झांसा देने के मामले ने लोगों को सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे मांगने वालों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत भी याद दिलायी है.
हालांकि, आरोपित के खिलाफ लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है. फिलहाल मामला प्राथमिकी, गिरफ्तारी वारंट और पुलिस की आगे की कार्रवाई से जुड़ा है.
गिरफ्तारी वारंट के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर
मनोज वर्मा के खिलाफ भागलपुर के बाइपास और इशाकचक थाने में प्राथमिकी दर्ज है. इसके अलावा बांका में भी इस मामले में जीरो एफआइआर दर्ज की गयी थी. जानकारी के अनुसार, बांका कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
इसी के बाद पुलिस ने इशाकचक थाना क्षेत्र स्थित उसके घर पर ढोल बजाकर इश्तिहार चस्पा किया. इस कार्रवाई के जरिये आरोपित को न्यायालय में उपस्थित होने की जानकारी दी गयी है.
पुलिस ने चेतावनी दी है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जा सकती है. इश्तिहार चस्पा होने के बाद अब यह देखना होगा कि आरोपित न्यायालय में उपस्थित होता है या पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कार्रवाई करनी पड़ती है.
आइजी कार्यालय पहुंचकर पीड़िता ने लगायी थी गुहार
इससे पहले सोनम भागलपुर सिविल कोर्ट के अधिवक्ता राजीव सिंह के साथ आइजी कार्यालय पहुंची थीं. वहां उन्होंने आवेदन देकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी रकम वापस दिलाने की मांग की थी.
अधिवक्ता राजीव सिंह ने प्राथमिकी दर्ज होने और गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठाये थे. पीड़िता की शिकायत का मुख्य मुद्दा आरोपित के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनकी रकम की वापसी भी है.
वहीं, भागलपुर के एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पूर्व में कहा था कि आरोपित को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, अन्यथा कुर्की-जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. अब घर पर इश्तिहार चस्पा होने के बाद पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर है.
Manoj Verma Fraud Case: अब गिरफ्तारी और रकम की वापसी पर टिकी निगाहें
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ पीड़िता के लिए अपनी रकम वापस पाना भी बड़ी चिंता है. गंभीर बीमारी के बीच आर्थिक नुकसान का सामना कर रही सोनम को अब न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है.
फिलहाल आरोपित की गिरफ्तारी और रकम की वापसी को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं है. पुलिस की ओर से इश्तिहार चस्पा कर न्यायालय में उपस्थित होने की चेतावनी दी गयी है. आगे की कार्रवाई आरोपित के न्यायालय में पेश होने और मामले की कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी.
Also Read: पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत, अचानक आने लगा चक्कर, गिरते-गिरते बचे सांसद
The post फर्जी डीएसपी बन नौकरी के नाम पर ठगी का आरोप, घोषित भगौड़ा मनोज वर्मा के घर चस्पा किया इश्तिहार appeared first on Prabhat Khabar.
[ad_2]
Source link
















