Home अंग प्रदेश Bihar:जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत सस्पेंड, तस्करी से कथित सांठगांठ का आरोप; दो...

Bihar:जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत सस्पेंड, तस्करी से कथित सांठगांठ का आरोप; दो Sho भी लाइन हाजिर – Araria Sp’s Strict Action: Jogbani Sho Faces Action Again, Police Accountability Under Scanner

21
0

[ad_1]

अररिया जिले में थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में हाल के महीनों में थानाध्यक्षों और अनुसंधानकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे में यह संदेश स्पष्ट हुआ है कि ड्यूटी में लापरवाही, अनुसंधान में शिथिलता या अवैध गतिविधियों से जुड़े लोगों के साथ कथित सांठगांठ के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ताजा कार्रवाई में जोगबनी थाना प्रभारी महादेव कामत को नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के साथ कथित सांठगांठ और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों के चलते निलंबित किया गया है। वहीं, बरदाहा और मदनपुर के थानाध्यक्षों को भी लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत निलंबित

ताजा कार्रवाई में जोगबनी थानाध्यक्ष महादेव कामत के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। उन पर नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के साथ कथित सांठगांठ और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में इसकी व्यापक चर्चा है। जोगबनी की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह थाना भारत-नेपाल सीमा से सटा हुआ है और पुलिसिंग के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है। सीमा क्षेत्र होने के कारण मादक पदार्थों समेत विभिन्न प्रकार की तस्करी पर नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में थाना प्रभारी की भूमिका और जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

कुछ महीनों में दूसरी बार जोगबनी थानाध्यक्ष पर कार्रवाई

जोगबनी थाना प्रभारी के खिलाफ हुई ताजा कार्रवाई को अप्रैल 2026 में हुई कार्रवाई के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। अप्रैल में जोगबनी के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव आजाद और अपर थानाध्यक्ष गोरखनाथ के खिलाफ भी कार्रवाई हुई थी। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही और तस्करों के साथ कथित सांठगांठ जैसे आरोप सामने आए थे। हालांकि, किसी भी मामले में लगाए गए आरोपों को अंतिम रूप से दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। कुछ ही महीनों के अंतराल में जोगबनी थाना प्रभारी स्तर पर दूसरी बार कार्रवाई होना पुलिस व्यवस्था के लिए गंभीर विषय माना जा रहा है।

एसपी की निगरानी में थानों की कार्यशैली

एसपी जितेंद्र कुमार के कार्यकाल में थाना स्तर पर पुलिस की कार्यशैली की निगरानी बढ़ने के संकेत लगातार मिले हैं। मई 2026 में जिले के 21 थानेदारों और 23 अनुसंधानकर्ताओं से कांडों के निष्पादन तथा वारंट-कुर्की जैसे मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।

एक अनुसंधानकर्ता का वेतन भी समय पर कांड का प्रभार नहीं सौंपने के कारण रोकने की जानकारी सामने आई थी। इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कृत भी किया गया था। इन कार्रवाइयों से संकेत मिलता है कि पुलिस विभाग की निगरानी केवल किसी एक थाना या अधिकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि थाना स्तर पर कामकाज, लंबित मामलों के निष्पादन और अनुसंधान की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here