बिहार की राजनीति में सरकारी आवासों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जाति और विक्टिम कार्ड के इर्द-गिर्द सिमट गया है। नवनियुक्त बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास आवंटित किया गया है। लेकिन बंगला खाली न होने पर मंत्री जी का दर्द छलक पड़ा है। उन्होंने कहा कि मैं दलित का बेटा हूं, इसलिए आवास खाली नहीं किया जा रहा है, इसका एहसास अब मुझे हो रहा है।
16 दिनों में बदले दो आदेश
भवन निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए दो अलग-अलग आदेशों ने इस विवाद को और हवा दे दी है। दरअसल 11 मई को पहला आदेश आया कि भवन निर्माण विभाग ने एक आदेश जारी कर मंत्री नंदकिशोर राम को 21 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया था। लेकिन फिर 27 मई को दूसरा नोटिस पहले आदेश के करीब 16 दिन बाद भवन निर्माण विभाग ने नया फरमान निकाला। इसमें नंदकिशोर राम का आवास बदलकर उन्हें राबड़ी देवी वाला 10 सर्कुलर रोड का बंगला अलॉट कर दिया गया।
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एक तरफ दलित कार्ड, तो दूसरी तरफ अपमान का आरोप
इस पूरे मामले में दोनों ही पक्ष खुद को पीड़ित बताने में जुटे हैं। जहां एक तरफ मंत्री नंदकिशोर राम खुद के दलित होने के कारण बंगला न मिलने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय जनता दल का खेमा इसे राजनीतिक द्वेष बता रहा है। राजद के कार्यकर्ताओं और नेता इस बात की दलील दे रहे हैं कि 10 सर्कुलर रोड के आवास को खाली कराने के लिए पिछले कई महीनों से जद्दोजहद चल रही है और लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। राबड़ी देवी के समर्थकों और पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्हें अपमानित करने के लिए जबरन आवास खाली कराया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक आरजेडी के अच्छे दिनों की याद दिलाते हुए लिख रहे हैं कि सब दिन होत न एक समाना।