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Major Security Lapse Bangladeshi National Escapes High Security Purnia Central Jail – Bihar News

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Purnia News: बिहार की हाई-सिक्योरिटी श्रेणी में शुमार पूर्णिया सेंट्रल जेल के भीतर बने विशेष डिटेंशन सेंटर से एक सजायाफ्ता बांग्लादेशी नागरिक खिड़की तोड़कर फरार हो गया। सुरक्षा में हुई इस बड़ी सेंधमारी का खुलासा तब हुआ, जब जेल प्रशासन नियमित बंदी गणना कर रहा था। गिनती के दौरान एक बंदी कम पाए जाने पर जेल महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

फरार बंदी की पहचान बांग्लादेश के नारायणगंज जिला अंतर्गत रूपगंज थाना क्षेत्र के निवासी मोहम्मद मन्ना के रूप में हुई है। शुरुआती जांच के मुताबिक, मन्ना ने डिटेंशन सेंटर के वार्ड की खिड़की की लोहे की छड़ों को किसी कटर या भारी वस्तु से काटा और सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर वहां से फरार हो गया। सेंट्रल जेल के अधीक्षक मनोज कुमार के निर्देश पर स्थानीय केहाट थाने में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस अब जेल परिसर और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उसकी आखिरी लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।

हाई-सिक्योरिटी जेल में सुरक्षा पर उठे सवाल

लगभग 1,900 बंदियों की क्षमता वाली पूर्णिया सेंट्रल जेल में कई अंतरराज्यीय कुख्यात अपराधी और खूंखार कैदी बंद हैं। ऐसे बेहद संवेदनशील और कड़े पहरे वाले परिसर से एक विदेशी नागरिक के फरार होने को प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।

तीन गृहरक्षकों पर गिरी गाज, मिलीभगत की भी जांच

जेल अधीक्षक की प्रारंभिक जांच में ड्यूटी पर तैनात तीन गृहरक्षकों की घोर लापरवाही सामने आई है। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही प्रशासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि फरारी के पीछे जेल के अंदर या बाहर किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं थी।

नेपाल भागने की फिराक में 2023 में हुआ था गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2023 में एसएसबी की 45वीं बटालियन ने मन्ना को भारत-नेपाल सीमा से सटे सुपौल जिले के भीमनगर बीओपी क्षेत्र (बॉर्डर पिलर संख्या 206/05) के पास गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया था कि उसने बांग्लादेश से भारत में अवैध प्रवेश के लिए सिलीगुड़ी रूट का इस्तेमाल किया था। वह बस के जरिए सुपौल पहुंचा था और वहां से नेपाल भागने की फिराक में था।

सजा पूरी होने के बाद डिटेंशन सेंटर में था बंद

मोहम्मद मन्ना अपनी निर्धारित कानूनी सजा पूरी कर चुका था। इसके बाद भारत और बांग्लादेश सरकार के बीच उसकी वतन वापसी की कागजी प्रक्रिया पूरी होने तक उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। फिलहाल एसएसपी के निर्देश पर पूर्णिया पुलिस और जेल प्रशासन की संयुक्त टीमें जिले के सभी संभावित ठिकानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। साथ ही सीमावर्ती जिलों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

 

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