[ad_1]
मॉडल सदर अस्पताल में रविवार को उस समय अनोखी स्थिति बन गई, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक गर्भवती महिला ने ई-रिक्शा में बच्ची को जन्म दे दिया। मौके पर मौजूद जीएनएम छात्रा की तत्परता से सुरक्षित प्रसव कराया गया। इसके बाद जच्चा और नवजात को प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों की जांच की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मां और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
जानकारी के अनुसार, नयारामनगर थाना क्षेत्र के नौवागढ़ी हरदियाबाद निवासी शिवानी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन मॉडल सदर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इमरजेंसी वार्ड के गेट पर पहुंचते ही प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। परिजन उन्हें अस्पताल के अंदर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी ई-रिक्शा में ही प्रसव की स्थिति बन गई।
पढ़ें: ‘मैं लॉरेंस गैंग से बोल रहा हूं’, व्हाट्सएप पर फोटो लगाकर मांगी एक करोड़ की रंगदारी; दहशत में परिवार
उसी समय वहां मौजूद एक जीएनएम छात्रा ने बिना देर किए ई-रिक्शा के पास पहुंचकर सुरक्षित प्रसव कराया। बच्ची के जन्म के तुरंत बाद अस्पताल कर्मियों ने जच्चा और नवजात को प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों की स्वास्थ्य जांच की। डॉक्टरों के अनुसार मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य है।
प्रसूता की सास ने बताया कि शिवानी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई थी। दर्द इतना बढ़ गया कि उन्हें अस्पताल के अंदर ले जाने का समय ही नहीं मिल पाया और ई-रिक्शा में ही बच्ची का जन्म हो गया। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा, “हमारे घर लक्ष्मी आई है। पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।”
घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। समय पर सूझबूझ और तत्परता दिखाने वाली जीएनएम छात्रा की अस्पताल में मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। उसकी तत्परता से जच्चा और नवजात दोनों सुरक्षित रहे।
[ad_2]
Source link















