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करोड़ों की फोरलेन पर 4-5 इंच पानी, आसपास के इलाके अभी बचे,नाथनगर में निर्माण की ऊंचाई पर सवाल

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Kahalgaon Mirzapur Four Lane Road: करोड़ों रुपये की लागत से बनी कहलगांव-मिर्जापुर फोरलेन सड़क को लेकर बाढ़ के बीच बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. नाथनगर के कंझिया बाइपास के पास फोरलेन सड़क पर बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जबकि आसपास के कई इलाकों में अभी पानी नहीं पहुंचा है. सड़क पर फिलहाल करीब 4-5 इंच पानी बह रहा है और वाहनों का परिचालन जारी है. लेकिन पानी का स्तर बढ़ा तो यह महत्वपूर्ण मार्ग भी बंद हो सकता है.

बाढ़ के पानी का सड़क तक पहुंचना इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि फोरलेन का निर्माण ऐसे इलाके में हुआ है जहां हर साल बाढ़ और जलजमाव की स्थिति बनती है. पानी चढ़ने के बाद अब स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि सड़क की ऊंचाई तय करते समय बाढ़ के संभावित स्तर और जलनिकासी की स्थिति का पर्याप्त आकलन किया गया था या नहीं.

आसपास पानी नहीं, फिर फोरलेन क्यों डूबी?

कंझिया बाइपास के पास स्थिति लोगों को इसलिए भी हैरान कर रही है कि आसपास के कई इलाकों में अभी बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है. इसके बावजूद फोरलेन के कुछ हिस्से पर पानी बहने लगा है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनी सड़क को इलाके की बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए और ज्यादा ऊंचा बनाया जाना चाहिए था. उनका मानना है कि सड़क पर्याप्त ऊंची होती तो आसपास का पूरा इलाका जलमग्न होने की स्थिति में भी फोरलेन पर आवागमन जारी रखा जा सकता था.

फिलहाल पानी की गहराई कम है, इसलिए वाहनों की आवाजाही जारी है. लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ स्थिति तेजी से बदल सकती है.

दक्षिणी इलाका डूबा तो सड़क पर बढ़ेगा दबाव

स्थानीय लोगों की चिंता केवल मौजूदा पानी तक सीमित नहीं है. उनका कहना है कि दक्षिणी इलाका यदि और डूबता है तो फोरलेन पर पानी का स्तर भी बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में सड़क पर वाहनों का परिचालन प्रभावित होने की आशंका है.

फोरलेन किसी इलाके के लिए सिर्फ एक सड़क नहीं होती. यह लोगों की आवाजाही, परिवहन और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग होती है. ऐसे में बाढ़ के दौरान इसके बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

करोड़ों खर्च के बाद अब निर्माण की प्लानिंग पर सवाल

फोरलेन पर पानी पहुंचते ही सड़क के निर्माण से पहले की गयी प्लानिंग पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों के बीच चर्चा है कि बाढ़ प्रभावित इलाके में सड़क की ऊंचाई और पानी की निकासी को लेकर किस स्तर का आकलन किया गया था.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सड़क की ऊंचाई ऐसी होनी चाहिए थी कि आसपास के इलाके में पानी फैलने के बावजूद मुख्य मार्ग सुरक्षित रह सके. अभी सड़क पर पानी पहुंच जाने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या निर्माण के दौरान स्थानीय भौगोलिक और बाढ़ संबंधी परिस्थितियों को पर्याप्त महत्व दिया गया था.

हालांकि फिलहाल पानी सिर्फ 4-5 इंच है और आवागमन जारी है, लेकिन आने वाले समय में जलस्तर बढ़ने पर सड़क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी.

Kahalgaon Mirzapur Four Lane Road: जलस्तर बढ़ा तो बढ़ सकती है परेशानी

अभी फोरलेन पर वाहनों का परिचालन हो रहा है. इसलिए तत्काल तौर पर रास्ता बंद नहीं हुआ है. लेकिन बाढ़ का पानी लगातार बढ़ा तो सड़क पर आवाजाही रोकने की स्थिति भी बन सकती है.

ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए सड़क पर पानी के स्तर की निगरानी जरूरी हो जाती है. जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को लेकर निर्णय लेना होगा, ताकि किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो.

फिलहाल कंझिया बाइपास के पास फोरलेन पर चढ़ा पानी एक बड़ा सवाल छोड़ रहा है. करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार की गयी सड़क पर आसपास के कई इलाकों से पहले बाढ़ का पानी पहुंचना अब निर्माण की ऊंचाई, जलनिकासी और बाढ़ के आकलन को लेकर जवाबदेही की चर्चा को तेज कर रहा है.

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