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गंगा की लहरों में विलीन हुए 10 आशियाने! भागलपुर के कसमाबाद में मची तबाही,अपने हाथों से घर उजाड़ने को मजबूर पीड़ित

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Bhagalpur News: सोमवार को उग्र गंगा की विनाशकारी लहरों ने एक बार फिर ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते 10 परिवारों के पक्के और कच्चे मकान नदी के आगोश में समा गए. जिनके घर अभी बचे हैं, वे रोते-बिलखते अपने हाथों से ही अपने सपनों के आशियाने को हथौड़ों से तोड़ने और उजाड़ने के लिए मजबूर हैं. संकट के इस भयावह मोड़ पर न तो जनप्रतिनिधि सुध ले रहे हैं और न ही प्रशासनिक अमला, जिससे पीड़ितों का दर्द और गुस्सा उबाल पर है.

ताश के पत्तों की तरह ढह गए पक्के मकान: जानिए कौन-कौन हुए बेघर

कसमाबाद के वार्ड नंबर नौ में सोमवार की सुबह रोज़मर्रा की तरह ही शुरू हुई थी, लेकिन देखते ही देखते गंगा की उपधारा ने तटबंधों और किनारों को निगलना शुरू कर दिया. कटान इतनी तेज़ी से हुआ कि लोगों को अपना सामान सुरक्षित निकालने तक का समय नहीं मिला. पसीने की कमाई से बना अंबिका मंडल का प्रधानमंत्री आवास योजना का पक्का मकान भी पलक झपकते ही गंगा में विलीन हो गया.

इस विनाशकारी कटान में रंजीत मंडल, पारो मंडल, कनेश्वर मंडल, आजाद मंडल, रोहित मंडल, छित्तो मंडल, देव कुमार मंडल, सुनील मंडल, नरेश मंडल और दिलीप मंडल के आशियाने पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं. गांव के कई अन्य मकानों पर भी अब जलसमाधि का सीधा खतरा मंडरा रहा है. अब तक इस इलाके में 60 से 70 से अधिक घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं, लेकिन तबाही का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.

नदी का जलस्तर घटा और शुरू हुआ मुसीबतों का खेल: कटान की जमीनी हकीकत

अमरी गांव के समाजसेवी गौतम कुमार ऋषि ने इस तबाही के पीछे के तकनीकी और प्राकृतिक संदर्भ को उजागर किया. उन्होंने बताया कि कसमाबाद में कटान की समस्या कोई नई नहीं है. पिछले साल से ही यहां लगातार ज़मीन कट रही है. इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय, भागलपुर को भी दी गई थी. लेकिन अफसोस की बात यह है कि समय रहते न तो कोई ठोस कटाव निरोधी कार्य किया गया और न ही राहत बचाव का खाका खींचा गया.

उन्होंने बताया कि इस साल जैसे ही गंगा का जलस्तर घटने लगा, पानी का दबाव किनारों पर बढ़ा और कटान ने फिर से भयावह रूप ले लिया. बीच में जब जलस्तर थोड़ा बढ़ा था तो कटान की गति धीमी पड़ गई थी, लेकिन पानी कम होते ही नदी ने ज़मीन को निगलना शुरू कर दिया. मेहनत-मजदूरी करके पाई-पाई जोड़कर बनाए गए घरों को ग्रामीण खुद तोड़ने पर विवश हैं ताकि कम से कम खिड़की, दरवाजे और एस्बेस्टस बचाकर कहीं और शरण ली जा सके.

जनप्रतिनिधियों की खींचतान में पिस रही जनता: कौन लेगा इस तबाही की जवाबदेही

विनाश के इस दौर में पीड़ितों का गुस्सा केवल कुदरत पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अंचल प्रशासन पर भी बुरी तरह फूट रहा है. वार्ड सदस्य अभय कुमार ने बताया कि जब भी वे कटान की गंभीर समस्या लेकर नारायणपुर अंचल कार्यालय जाते हैं, तो वहां के अधिकारी उन्हें मुखिया के पास भेज देते हैं. जब वे मुखिया के पास जाते हैं तो मुखिया जी कटाक्ष करते हुए कहते हैं कि वार्ड सदस्य का क्या काम है.

स्थानीय निवासी विकास मंडल ने बेहद दुखी मन से बताया कि तबाही की इस घड़ी में कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आ रहा है. उन्होंने मुखिया अरविंद मंडल, वार्ड सदस्य अभय कुमार और स्थानीय अंचल प्रशासन पर कटान की गंभीरता को पूरी तरह नजरअंदाज करने और पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ देने का सीधा आरोप लगाया. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच आपसी तालमेल की इस कमी के कारण बेघर हुए लोग खुले आसमान के नीचे बेबस खड़े हैं.

Bhagalpur News: राहत शिविर और सामुदायिक रसोई की मांग

घर-बार गंवा चुके दर्जनों विस्थापित परिवारों के सामने अब पेट भरने और रात गुजारने का विकराल संकट खड़ा हो गया है. शाहपुर के समाजसेवी रंजीत कुमार मंडल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटान पीड़ितों के बीच तत्काल प्रभाव से सरकारी सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) शुरू करने की मांग उठाई है. उन्होंने मांग की है कि पीड़ित परिवारों के लिए अविलंब राहत एवं बचाव कार्य चलाए जाएं और उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ तुरंत मुहैया कराया जाए.

आने वाले दिनों में अगर गंगा के कटान पर तुरंत काबू नहीं पाया गया और पीड़ित परिवारों को पुनर्वास व तिरपाल-राहत सामग्री नहीं मिली, तो स्थिति और ज्यादा विस्फोटक हो सकती है. बेघर हुए ग्रामीण अब जिला प्रशासन और राज्य सरकार से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कोई तो आए जो उनकी रोती आंखों के आंसू पोंछ सके और उन्हें सुरक्षित ठिकाना दे सके.

स्वंय का घर हटाते कसमाबाद के कटाव पीड़ित व कसमाबाद पर कटाव देखते लोग | Prabhat Khabar Network
स्वंय का घर हटाते कसमाबाद के कटाव पीड़ित व कसमाबाद पर कटाव देखते लोग | Prabhat Khabar Network
स्वंय का घर हटाते कसमाबाद के कटाव पीड़ित व कसमाबाद पर कटाव देखते लोग | Prabhat Khabar Network
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स्वंय का घर हटाते कसमाबाद के कटाव पीड़ित व कसमाबाद पर कटाव देखते लोग | Prabhat Khabar Network

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