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Barari Flood: कटिहार के बरारी प्रखंड में बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे कम होने लगा है. कई निचले इलाकों से पानी निकलने के बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है. हालांकि, बाढ़ का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए प्रशासन की ओर से अभी भी 20 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं.
प्रखंड क्षेत्र में भीषण बाढ़ के कारण 14 पंचायतों के करीब 120 गांव प्रभावित हुए थे. लगभग एक लाख की आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा. कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर रहना पड़ा, जबकि बड़ी संख्या में लोगों के सामने भोजन और रहने की समस्या उत्पन्न हो गयी थी. ऐसे समय में प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था.
पानी घटा तो 50 रसोई बंद
बाढ़ के दौरान अंचल प्रशासन की ओर से कुल 70 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही थीं. अब बाढ़ का पानी घटने और कई इलाकों से पानी निकलने के बाद इनमें से 50 रसोई बंद कर दी गयी हैं. फिलहाल मोहनाचांदपुर पंचायत समेत प्रभावित इलाकों में 20 सामुदायिक रसोई के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था जारी है.
प्रशासन का कहना है कि जिन इलाकों में बाढ़ का पानी निकल गया है, वहां स्थिति सामान्य होने के साथ रसोई की संख्या भी धीरे-धीरे कम की जा रही है. हालांकि, जब तक प्रभावित परिवारों को भोजन की आवश्यकता रहेगी, तब तक जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई संचालित की जायेगी.
पानी निकलने के बाद बीमारी का खतरा
बाढ़ का पानी कम होने के साथ अब प्रशासन के सामने एक नई चुनौती जलजमाव और उससे पैदा होने वाली बीमारी की रोकथाम की है. अंचलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि पानी निकलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और महामारी की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से ब्लीचिंग पाउडर समेत आवश्यक सामग्री का छिड़काव कराया जायेगा.
उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रहने के लिए पॉलीथिन शीट उपलब्ध करायी गयी है. प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने का काम लगातार जारी है.
Barari Flood: प्रभावित परिवारों के खाते में भेजी गयी जीआर राशि
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए सरकार की ओर से जीआर राशि भी स्वीकृत कर प्रभावित परिवारों के खातों में भेजी गयी है. प्रशासन के अनुसार राहत और पुनर्वास से जुड़े कार्यों की निगरानी की जा रही है और संबंधित कर्मियों को अपने-अपने दायित्व पर बने रहने का निर्देश है.
बरारी में पानी घटने से लोगों को तत्काल राहत जरूर मिली है, लेकिन बाढ़ के बाद की चुनौतियां अभी बाकी हैं. घरों में जमा पानी, गंदगी, जलजमाव और बीमारी का खतरा कम करना प्रशासन के लिए अगली बड़ी चुनौती है. प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि राहत के साथ अब सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी तेजी से काम होगा.
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