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संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों ने लिया जायजा
छपरा सदर प्रखंड के दक्षिणी क्षेत्र के कोटवा पट्टी रामपुर, बरहरा, मांझी, रायपुर और बिनगांव में अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। दिघवारा प्रखंड के दियारा क्षेत्र अकिलपुर, गरखा प्रखंड के मौजमपुर, इटवा और श्रीपाल बसंत तथा रिविलगंज प्रखंड के दलिया और रहीमपुर क्षेत्रों में भी बाढ़ की स्थिति का आकलन किया गया।
सोनपुर प्रखंड को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में माना जा रहा है। यहां सबलपुर पूर्वी, सबलपुर पश्चिमी, सबलपुर उत्तरी, सबलपुर मध्यवर्ती, नजरमीरा, शाहपुर, खरीका, घरपुरा, गंगाजल, कसमर, सैदपुर, हासिलपुर, रसूलपुर, सितापुर और कल्याणपुर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने नदियों के बढ़ते जलस्तर, आवागमन के साधनों, तटबंधों की मजबूती और स्थानीय लोगों की तात्कालिक जरूरतों की जानकारी ली।
डीएम और एसएसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण
जिला प्रशासन की कार्ययोजना के तहत वरिष्ठ अधिकारी भी खुद मैदान में उतरकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। सोनपुर प्रखंड में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
रिविलगंज और दिघवारा प्रखंड में अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। वहीं छपरा सदर प्रखंड में अपर समाहर्ता, विधि-व्यवस्था ने क्षेत्र की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी संकट की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया गया है।
राहत सामग्री और बचाव संसाधनों की व्यवस्था
संभावित आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने प्रखंडों को राहत और बचाव सामग्री पहले ही उपलब्ध करा दी है। सोनपुर अंचलाधिकारी को तत्काल राहत के लिए 1,000 पॉलीथिन शीट और दिघवारा अंचलाधिकारी को 500 पॉलीथिन शीट दी गई हैं।सोनपुर अंचलाधिकारी को एक महाजाल, 25 लाइफ जैकेट और 15 लाइफ बॉय उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा छपरा सदर, दिघवारा, गरखा और रिविलगंज के अंचलाधिकारियों को प्रत्येक को 20-20 लाइफ जैकेट और 15 से 18 लाइफ बॉय दिए गए हैं, ताकि डूबने जैसी घटनाओं की स्थिति में तत्काल बचाव किया जा सके।
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