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बिहार:दीवार पर उभरी भगवान विष्णु की तस्वीर, मुस्लिम छात्रा असिरा सबा ने पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल – Muslim Girl Paints Lord Vishnu Mural In Gaya Paint The City Pitru Paksha Fair Today Bihar News

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पितृपक्ष मेले की तैयारियों के बीच गया में एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो शहर की दीवारों के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दे रही है। अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली पेंटिंग छात्रा असिरा सबा भगवान विष्णु और गयासुर की भव्य वॉल पेंटिंग तैयार कर रही हैं। उनकी यह कलाकृति कला और आस्था के साथ गंगा-जमुनी तहजीब की भी मिसाल पेश कर रही है। असिरा का संदेश है कि कला की कोई जाति या मजहब नहीं होता।

‘पेंट द सिटी’ अभियान से संवर रहा गया

विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गया पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के स्वागत और शहर को आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने ‘पेंट द सिटी’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत फल्गु नदी के घाटों, मेला क्षेत्र की दीवारों, प्रमुख वेदी स्थलों और संपर्क मार्गों को रंग-बिरंगी वॉल पेंटिंग्स से सजाया जा रहा है।

इन चित्रों में भगवान विष्णु के चरण, गयासुर की कथा, गया तीर्थ का पौराणिक इतिहास और रामायण से जुड़े प्रसंगों को उकेरा जा रहा है। इसके साथ ही मधुबनी और मंजूषा कला की झलक भी इन चित्रों में दिखाई दे रही है। दीवारों पर सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेश भी चित्रों के जरिए लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।

तूलिका ने मिटाई धर्म की दीवार

इसी अभियान के तहत काम कर रही कलाकारों की टीम में पेंटिंग छात्रा असिरा सबा भी शामिल हैं। अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाली असिरा भगवान विष्णु और गयासुर की भव्य पेंटिंग तैयार कर रही हैं। उनकी यह कलाकृति केवल शहर की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था और सामाजिक सौहार्द का संदेश भी दे रही है। असिरा की कला यह बताने की कोशिश कर रही है कि किसी दूसरे धर्म की आस्था का सम्मान करना भी भारतीय संस्कृति की बड़ी पहचान है।

पांच दिनों से पेंटिंग को दे रहीं आकार

असिरा सबा ने बताया कि वह सोमवार से लगातार इस पेंटिंग पर काम कर रही हैं और अब पांचवां दिन है। उन्होंने कहा कि ‘पेंट द सिटी’ अभियान का हिस्सा बनने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा, “यह भगवान विष्णु और गयासुर की पेंटिंग है। सोमवार से काम शुरू किया था और आज पांचवें दिन है। ‘पेंट द सिटी’ अभियान में काम करने का मौका मिला, तो मन से इस चित्र को बना रही हूं।” असिरा के मुताबिक, वह इस कलाकृति को पूरे मन और सम्मान के साथ तैयार कर रही हैं।

श्रद्धालुओं को दिखेगा संस्कृति और कला का संगम

पितृपक्ष मेले में इस बार गया पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, लोककला और सामाजिक समरसता की भी झलक देखने को मिलेगी। शहर की दीवारों पर बनाई जा रही पेंटिंग्स गया के इतिहास, आस्था और लोक संस्कृति को जीवंत रूप में सामने ला रही हैं। भगवान विष्णु, गयासुर, गया तीर्थ और रामायण के प्रसंगों से जुड़ी कलाकृतियों के साथ मधुबनी और मंजूषा कला के चित्र शहर की दीवारों को नया रूप दे रहे हैं। वहीं सामाजिक जागरूकता के संदेश इन पेंटिंग्स को एक अलग उद्देश्य भी दे रहे हैं।

असिरा सबा की पेंटिंग बनी सौहार्द की मिसाल

असिरा सबा की पहल सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दे रही है। उनका कहना है कि कला सभी की होती है और इसे किसी जाति या धर्म की सीमा में नहीं बांधा जा सकता। असिरा ने कहा, “कला सभी की होती है। मैं पूरे मन और सम्मान के साथ यह पेंटिंग बना रही हूं।” पितृपक्ष मेले से पहले गया की दीवारों पर उभरते ये रंग केवल शहर की खूबसूरती नहीं बढ़ा रहे, बल्कि भारतीय समाज की विविधता और गंगा-जमुनी तहजीब की तस्वीर भी पेश कर रहे हैं। भगवान विष्णु और गयासुर की कलाकृति बना रहीं असिरा सबा की यह कोशिश बताती है कि जब कला और सम्मान के रंग एक साथ मिलते हैं, तो धर्म की दीवारें अपने आप छोटी पड़ जाती हैं।

 

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