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इस बार भागलपुर के दशहरा आयोजन में खास बात यह रही कि नाथनगर की पुरानी परंपरा के साथ शहर के मध्य हिस्से में भी रावण दहन का आयोजन चर्चा में रहा. लोगों के लिए यह केवल पुतला दहन नहीं, बल्कि परिवार के साथ उत्सव मनाने, धार्मिक आस्था जताने और सामाजिक मेल-मिलाप का अवसर भी बना.
सीटीएस मैदान में डीएम-एसएसपी ने किया पुतलों का दहन
नाथनगर के ऐतिहासिक कर्णगढ़ मैदान में रामलीला समिति गोलदार पट्टी की ओर से पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान करीब 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ कुंभकरण और मेघनाद के पुतले भी जलाये गये.
डीएम अलंकृता पांडेय ने रावण, एसएसपी प्रमोद यादव ने कुंभकरण और एसडीओ विकास कुमार ने मेघनाद के पुतले का दहन किया. कार्यक्रम देखने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु मैदान पहुंचे. पुतलों के जलते ही मैदान जयकारों और आतिशबाजी की आवाज से गूंज उठा.
इस मौके पर डीएम ने कहा कि रावण दहन धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक मेल-मिलाप का भी अवसर है. यह आयोजन असत्य पर सत्य की जीत का संदेश देता है. उन्होंने जिलावासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं.
एसएसपी ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर में शांति और सौहार्द बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशासन सतर्क है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिए रैफ, सैफ और महिला पुलिस बलों की तैनाती की गयी थी.
जिला स्कूल में भी गूंजा जय श्रीराम, चंद मिनट में जल गये तीनों पुतले
भागलपुर के जिला स्कूल परिसर में भी विजयादशमी पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया. सदर एसडीओ विकास कुमार ने रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों में पलीता लगाकर कार्यक्रम का सांकेतिक शुभारंभ किया. इसके बाद मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाये.
इससे पहले नगर विधायक रोहित पांडेय, मेयर डॉ. बसुंधरा लाल, भाजपा अध्यक्ष संतोष कुमार और पार्षद अश्विनी जोशी मोंटी सहित अन्य अतिथियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया. आयोजन का संचालन करने वाले स्थानीय पार्षद नंदिकेश शांडिल्य ने अतिथियों का स्वागत किया.
कार्यक्रम में भगवान श्रीराम की झांकी सजायी गयी थी. सुरताल टीम के कलाकारों ने श्रीराम और माता के भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बनाया. मंगलवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरा मेला का उद्घाटन किया था.
मेघनाद के पुतले में आग लगते ही पटाखों की आवाज से पूरा मैदान और आसपास का इलाका गूंज उठा. इसके बाद कुंभकरण और फिर रावण का पुतला कुछ ही मिनटों में जल गया. घंटों से इस पल का इंतजार कर रहे दर्शकों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाये.
2008 के बाद शहर के मध्य हिस्से में फिर शुरू हुआ रावण दहन
जिला स्कूल में आयोजित रावण दहन का एक खास स्थानीय महत्व भी रहा. वर्ष 2008 के बाद भागलपुर शहर के मध्य हिस्से में एक बार फिर इस आयोजन की शुरुआत हुई. स्थानीय पार्षद नंदिकेश शांडिल्य के संचालन में स्थानीय युवाओं ने इस कार्यक्रम को आयोजित किया.
इससे पहले लाजपत पार्क में रामलीला और रावण दहन का भव्य आयोजन होता था. समय के साथ यह परंपरा बंद हो गयी थी. लाजपत पार्क दुर्गा मंदिर परिसर में वर्ष 1953 से मां दुर्गा की पूजा और प्रतिमा स्थापना की परंपरा चली आ रही है. वर्ष 2008 में विवाद के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने वहां पुतला दहन बंद करने का निर्णय लिया था.
ऐसे में शहर के मध्य हिस्से में फिर से रावण दहन का आयोजन स्थानीय लोगों के लिए खास रहा. धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिये पुरानी परंपराओं को जीवित रखने की कोशिश भी इस कार्यक्रम में नजर आयी.
नाथनगर में 150 साल से चली आ रही रावण दहन की परंपरा
नाथनगर के सीटीएस मैदान परिसर में रावण दहन की परंपरा करीब 150 वर्षों से चली आ रही है. सामाजिक कार्यकर्ता देवाशीष बनर्जी के अनुसार, यहां दशहरा के अवसर पर बड़े स्तर पर रामलीला का मंचन और रावण दहन किया जाता है. इसे देखने के लिए दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंचते हैं.
इस बार भी हजारों लोगों की मौजूदगी ने आयोजन के प्रति स्थानीय लोगों की आस्था और उत्साह को दिखाया. रामलीला समिति, पूजा समितियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से यह आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बना हुआ है.
भागलपुर के शहरी क्षेत्र में मां दुर्गा की 11 और ग्रामीण इलाकों में 10 प्रतिमाएं स्थापित की गयी थीं. बंगाली रीति-रिवाज से स्थापित प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार को हो गया, जबकि शेष प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा शुक्रवार को निकाली जायेगी.
Bhagalpur News: भीड़ को संभालने के लिए सीसीटीवी, एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन तैनात
दोनों प्रमुख आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किये गये थे. सीटीएस मैदान में पुलिस बल के साथ सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही थी. लोगों के आने-जाने के लिए मैदान के दोनों गेट खोले गये थे.
एहतियात के तौर पर अग्निशमन वाहन और एंबुलेंस भी तैनात रखे गये. आयुर्वेदिक कॉलेज से सीटीएस रोड के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गयी थी, ताकि भीड़ के बीच आवागमन को व्यवस्थित रखा जा सके. नाथनगर थानाध्यक्ष परमेश्वर सहनी और ललमटिया थानाध्यक्ष बिपिन कुमार पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्यवस्था में जुटे रहे.
कार्यक्रम में सिटी एसपी अतुलेश झा, सीटीएस प्राचार्य, सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार, नाथनगर अंचलाधिकारी मनोहर कुमार, नाथनगर सार्वजनिक पूजा समारोह समिति के अध्यक्ष पप्पू यादव, महामंत्री देवाशीष बनर्जी और रामलीला समिति के रवींद्र प्रसाद भगत, हरि प्रसाद भगत, जितेंद्र भगत सहित कई लोग मौजूद थे.
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