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Bihar Temple Stampede:लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़, सात श्रद्धालुओं की मौत-कई घायल; प्रशासन क्या बोला? – Bihar Temple Stampede Ashokdham Temple Lakhisarai Death Injuries Rescue Police Sdpo Shivam Kumar Hindi Updates

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बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह भगदड़ मच गई। इस घटना में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

मंदिर परिसर में मची अफरा-तफरी, घायलों को अस्पताल भेजा गया

बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। देखते ही देखते परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया है।

एसडीपीओ ने छह मौतों की पुष्टि की

एसडीपीओ शिवम कुमार ने बताया कि घटना में सात लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और भगदड़ जैसी स्थिति कैसे बनी, इसकी जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों का पता लगाने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

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लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने अशोकधाम मंदिर में भगदड़ जैसी घटना को लेकर बताया कि प्रशासनिक टीम सुबह करीब 4:30 बजे से ही मौके पर मौजूद थी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ के बीच शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के ठहराव के कारण मंदिर परिसर में भीड़ और बढ़ गई।

डीएम के अनुसार, प्रशासन की ओर से पहले से ही पुलिस बल, स्वास्थ्यकर्मियों, एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस समेत जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं। इसी दौरान करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच भीड़ का दबाव बढ़ने से एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई। इसके बाद कुछ श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और हादसा हो गया। डीएम ने बताया कि घटना में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। प्रशासन की टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।



डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कैसे हुआ हादसा



लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने अशोकधाम मंदिर में हुई भगदड़ जैसी घटना को लेकर बताया कि श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनें भी रुकी हुई थीं। अचानक एक बिजली का पोल गिर गया। यह पोल पुरुष श्रद्धालुओं की कतार के दाहिनी ओर स्थित था।



डीएम के मुताबिक, पोल गिरने के बाद मौके पर यह अफवाह फैल गई कि लोगों के ऊपर बिजली का तार गिर गया है। हालांकि, वह बिजली का तार नहीं बल्कि केबल का तार था। इस अफवाह के कारण महिलाओं की कतार में अचानक दबाव बढ़ गया और महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगीं। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।



शैलेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह करीब 3 बजे से ही मौके पर निगरानी और व्यवस्था संभाल रही थी, लेकिन यह घटना अचानक हुई और महज दो मिनट के भीतर स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि फिलहाल अधिकारी सदर अस्पताल में मौजूद हैं और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। डीएम के अनुसार, हादसे में मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं। फिलहाल मृतकों की सही संख्या का पता लगाया जा रहा है।



मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख



बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में हुए दर्दनाक हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पीड़ित परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल लोगों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है तथा राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

 

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया हादसे का पूरा घटनाक्रम

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि अशोकधाम मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। इसी दौरान बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की बात तेजी से श्रद्धालुओं के बीच फैल गई। इस अफवाह के बाद अचानक लोगों में घबराहट फैल गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, अफरातफरी के बीच लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई।

घायल महिला ने बताया- पीछे से लगातार लग रहा था धक्का

हादसे में घायल एक महिला ने बताया कि भीड़ में पीछे से लगातार धक्का दिया जा रहा था। इसी दबाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी और जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई। महिला के मुताबिक, कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों ने उसे उठाया और पानी के छींटे मारकर होश में लाने की कोशिश की। होश में आने के बाद उसे हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ।




अशोक धाम भगदड़ :मृतकों की पहचान 


  • मनमाला देवी (44), पति निरंजन कुमार, वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय

  •  रिंकू देवी (50), पति नीरज यादव, फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर

  •  हेमलता देवी (55), पति सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय

  •  ललिता देवी, पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय

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