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Barari Dussehra Mela: 5 बीघा जमीन में सज रहे बरारी के भव्य दशहरा मेले की रंगत इस बार बेहद खास और रोमांचक नजर आ रही है. अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में अपने परिवार और दोस्तों के साथ कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं, तो बरारी हाट मैदान में बन रहा यह मेला आपका दिल जीत लेगा.
रोशनी से नहाती दुकानें, बच्चों के खिलौनों की खनक और हवा में तैरती स्वादिष्ट पकवानों की खुशबू के बीच इस बार बरारी का मेला एक अलग ही उत्सव का अहसास करा रहा है. हर साल की तरह इस बार भी ग्रामीण और शहरी संस्कृति का यह खूबसूरत संगम लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है. मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
जलपरी बनेगी मुख्य आकर्षण, मेले में सजने लगीं रंग-बिरंगी दुकानें
बरारी के इस पारंपरिक मेले में इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण जलपरी बनने जा रही है. जलपरी के शो को देखने के लिए अभी से ही बच्चों और युवाओं में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है. इसके अलावा मेले में मनोरंजन और रोमांच का पूरा बंदोबस्त किया गया है. टॉवर झूला, मौत का कुआँ और रासलीला जैसे प्रसिद्ध शो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. मेले के विशाल मैदान में कास्मेटिक, मनिहारा, खिलौने और तरह-तरह के सजावटी सामानों की दुकानें सज चुकी हैं. त्यौहार के इस मौसम में स्थानीय दुकानदारों के चेहरों पर भी अच्छी बिक्री की उम्मीद साफ झलक रही है.
सप्तमी से दशमी तक जमेगा कुश्ती का दंगल
मेले में केवल झूले और दुकानें ही नहीं हैं, बल्कि भारत की पारंपरिक खेल संस्कृति का रोमांचक रूप भी देखने को मिलेगा. बरारी हाट मैदान में कुश्ती प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा रहा है. यह दंगल महासप्तमी से शुरू होकर विजयादशमी तक लगातार चलेगा.
इस प्रतियोगिता में अपना दम-खम दिखाने के लिए कई क्षेत्रों से नामी पहलवान बरारी पहुंच रहे हैं. जब अखाड़े में पहलवान अपना दांव-पेच दिखाएंगे, तब कुश्ती प्रेमियों का उत्साह देखने लायक होगा. यह आयोजन न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि स्थानीय युवाओं को कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों से जोड़े रखने का एक सराहनीय प्रयास भी है.
5 बीघा खेत में बसा अस्थाई शहर, घूमने के लिए बनी विशेष सड़क
बरारी मेला समिति ने इस बार दर्शकों की सहूलियत का पूरा ख्याल रखा है. लगभग 5 बीघा खेत की जमीन में मेले का व्यापक विस्तार किया गया है. मेले में उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए परिसर के अंदर एक विशेष सड़क का निर्माण किया गया है. इस सड़क के बनने से लोगों की आवाजाही सुगम होगी और मेले में किसी भी तरह की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी. मेला समिति का मानना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मेले का आनंद लेने में काफी आसानी होगी.
सुरक्षा ऐसी कि परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर, ड्रोन और सीसीटीवी से पैनी नजर
मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. भगवती मंदिर बरारी न्यास समिति के सचिव पंकज यादव और उप सचिव धनजीत यादव समेत पूरी टीम दिन-रात तैयारियों में जुटी हुई है. मेला परिसर में ही समिति का एक मुख्य कार्यालय बनाया गया है. इस कार्यालय से पूरे मेले की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इसके अलावा भीड़ पर पैनी नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग भी किया जा रहा है. सुरक्षा में तैनात समिति के वालंटियर पहचान पत्र पहनकर हर कोने में मुस्तैद रहेंगे. स्थानीय पुलिस और प्रशासन की सतर्कता ऐसी रहेगी कि कोई परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा.
स्थानीय जीवन और त्यौहार का नया रंग
बरारी का दशहरा मेला केवल एक आयोजन नहीं बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और खुशियों से जुड़ा एक सामाजिक पर्व है. मेले से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलती है और छोटे व्यापारियों को रोजगार का मौका मिलता है. इस बार आधुनिक सुरक्षा इंतजामों, मनोरंजक शो और कुश्ती के मेल ने मेले के अनुभव को और भी खास बना दिया है. प्रशासनिक मुस्तैदी और मेला समिति के समर्पण से यह तय है कि इस बार का दशहरा मेला बरारी के इतिहास में एक नई मिसाल कायम करेगा.
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The post बरारी में सज गया दशहरा का भव्य मेला, जलपरी और मौत का कुआँ देखने उमड़ेगी भीड़ appeared first on Prabhat Khabar.
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