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किशनगंज में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी और फर्जी जॉइनिंग लेटर देने का मामला सामने आया है। पूर्णिया जिले के अमौर निवासी मो. असलम राही ने किशनगंज के एसपी को आवेदन देकर मामले में न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित के अनुसार, किशनगंज के उत्क्रमित मध्य विद्यालय महलबाड़ी में पदस्थापित सहायक शिक्षक पंकज कुमार बोसाक, निवासी कजलामनी, किशनगंज ने उसे पशुपालन विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बदले 4 लाख रुपये की मांग की गई। शिक्षक पर भरोसा कर पीड़ित ने 50 हजार रुपये ऑनलाइन और 3 लाख 50 हजार रुपये नकद दे दिए।
पटना में कराई फर्जी ट्रेनिंग, थमाया फर्जी जॉइनिंग लेटर
पीड़ित का आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी शिक्षक उसे पटना ले गया, जहां फर्जी जॉइनिंग लेटर दिया गया। पटना में ही उसकी ट्रेनिंग कराई गई और नोटरी से शपथ पत्र भी बनवाया गया। इस दौरान आरोपी ने डॉ. विष्णु कांत कुमार, निवासी नालंदा और वर्तमान में कदमकुआं, पटना, से भी उसकी मुलाकात कराई।
पीड़ित के मुताबिक, उसके साथ चार अन्य युवकों को भी इसी तरह झांसे में रखकर फर्जी ट्रेनिंग दी गई और संबंधित जिला कार्यालय में योगदान करने के लिए कहा गया। जब पीड़ित अपने जिले के संबंधित विभाग में योगदान करने पहुंचा, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप
पीड़ित ने बताया कि ठगी का पता चलने के बाद जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया। हालांकि, पिछले 4-5 महीनों से टालमटोल करने के बाद अब आरोपी ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया है। आरोप है कि फोन करने पर गाली-गलौज की जाती है और जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी का भाई संजीत कुमार बोसाक उसका पीछा करता है और अकेले में बुलाकर डराता-धमकाता है।
इस मामले में टाउन थाना किशनगंज में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी संख्या 08/26 में बीएनएस-2023 की धारा 318(4)/316(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। थाने में पंचायती के जरिए मामले का समाधान कराने का प्रयास भी किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब पीड़ित ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उसकी डूबी हुई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
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